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जोशीमठ-बद्रीनाथ हाईवे तीन दिन से बंद,दरके पहाड़ ! पलक झपकते गिरा पहाड़, कैमरे में कैद हुआ खौफनाक मंजर, हजारों यात्री फंसे

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Joshimath-Badrinath highway closed for three days, mountains cracked! Mountain fell in the blink of an eye, horrifying scene captured on camera, thousands of passengers stranded

जोशीमठ के पास बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पिछले तीन दिनों से बंद पड़ा हुआ है. यहां पर मार्ग बंद हुए 48 घंटे हो चुके हैं, लेकिन अभी भी मार्ग खुलने की कोई संभावना नहीं दिख रही है. इसकी वजह से जोशीमठ-बद्रीनाथ हाईवे को तत्काल बंद कर दिया गया है, लेकिन राहत की बात है कि किसी भी प्रकार के जान माल के हानि नहीं हुई है। मौके पर मौजूद कई लोगों ने इस घटना को वीडियो में कैद कर लिया। भूस्खलन की वजह से नेशनल हाईवे 7 जोशीमठ-बद्रीनाथ हाईवे बंद हो गया है। इसके चलते चार धाम यात्रियों पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए मुसीबतें पैदा हो गई हैं। पहाड़ के टूटने से सड़क भी ब्लॉक हो गया है। इससे आम राहगीरों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

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रोके गए तीर्थयात्री

ये नजारा इतना भयानक था कि देखने वालों की रूह तक कांप गई। गनीमत रही कि जिस समय ये पहाड़ टूट कर गिरा उस समय कोई वाहन वहां से न तो गुजर रहा था और न ही वहां कोई वाहन खड़ा था। घटना लगभग पौने एक बजे के आसपास की है। बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पातालगंगा के पास यातायात टनल के ठीक ऊपर पहाड़ी से भारी लैंडस्लाइड होने लगी। सूचना मिलते ही प्रशासन भी सतर्क हो गया और तीर्थ यात्रियों को सुरक्षा की दृष्टि से कर्णप्रयाग, चमोली, पीपलकोटी जगह-जगह स्थानों पर सुरक्षित रोक लिया गया।

यहां पर सुरक्षित यातायात के लिए वाहनों और यात्रियों की सुरक्षा के लिए लंबी टनल बनाई गई है। लेकिन बुधवार को अचानक हुए लैंडस्लाइड से बड़ी दुर्घटना होने से बच गयी। इस टनल का एक मुहाना मलबे से बंद हो गया है। पहाड़ का मलबा सड़क पर गिरा हुआ है।

बता दें कि इससे पहले 9 जुलाई को जोशीमठ में बद्रीनाथ नेशनल हाईवे पर भयानक लैंडस्लाइड हो गया था। इस दौरान पूरा पहाड़ गिर गया था। इसके बाद बद्रीनाथ नेशनल हाईवे को ब्लॉक कर दिया गया था। आमतौर पर बारिश के मौसम में पहाड़ों के ध्वस्त होने की घटना सामने आती रहती हैं।

हाईवे तीसरे दिन भी बंद
जोशीमठ के पास बंद बदरीनाथ हाईवे तीसरे दिन भी बंद है। स्थिति यह है कि हाईवे पर आए बड़े बोल्‍डरों को हटाने के लिए विस्फोट भी किया गया, परंतु दो बार किए गए विस्फोट से भी बात नहीं बनी। हाईवे खोलने के लिए सीमा सड़क संगठन की मशीनों लगातार काम कर रही हैं। लेकिन पहाड़ी के दरकने के चलते हाईवे सुचारू करने में दिक्कतें आ रही है। वहीं हाईवे पीपलकोटी, पातालगंगा और भनेरपानी में खुल गया है।

लगातार कार्य कर रही बीआरओ व एनएच की मशीनें
गौरतलब है कि मंगलवार सुबह बदरीनाथ हाईवे पर जोशीमठ में वन विभाग चौकी के पास मलबा आ गया था। मलबा साफ करने के दौरान यहां पर भारी चट्टान गिरकर हाईवे पर आ गई, जिससे हाईवे का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। बीआरओ व एनएच की मशीनें लगातार कार्य कर रही हैं।

अभी फिलहाल पैदल ही आवाजाही शुरू हो पाई है। हाईवे खुलने के लिए अभी एक दिन का इंतजार करना पड़ सकता है। बताया गया कि बुधवार को दिन में बड़े बोल्डरों पर विस्फोट भी किया गया । लेकिन बोल्डर का छोटा हिस्सा ही टूट पाया।

बीआरओ की रणनीति है कि विस्फोट से बड़े बोल्डरों को तोड़ कर हाईवे सुचारू किया जाए। सीमा सड़क संगठन के कमांडर कर्नल अंकुर महाजन ने कहा कि यहां पर पैदल रास्ता बना दिया गया है। हाईवे खोलने का कार्य रात्रि भर चलेगा। गुरुवार तक हाईवे को सुचारू कर दिया जाएगा।

तीन हजार से ज्‍यादा यात्री व पर्यटक फंसे
हाईवे बंद होने से बदरीनाथ धाम व हेमकुंड ,फूलों की घाटी, औली आने जाने वाले यात्री व पर्यटक फंसे हैं। बताया गया कि हेमकुंड व बदरीनाथ धाम से लौट रहे 800 से अधिक यात्री जोशीमठ गोविंदघाट मे फंसे हुए हैं। जबकि 2200 यात्री बदरीनाथ धाम हेमकुंड फूलों की घाटी जाने के लिए हेलंग, पीपलकोटी, बिरही, चमोली आदि पड़ावों में रोके गए हैं।

 

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