Building a house in Noida has become expensive, allotment rates of residential, industrial, group housing and institutional properties in Noida increased by 6 percent
नोएडा में संपत्ति खरीदना और महंगा हो गया है. आवासीय, औद्योगिक, ग्रुप हाउसिंग और संस्थागत संपत्तियों की आवंटन दरों में 6 फीसदी की वृद्धि की गई है. संस्थागत उपयोग के तहत कॉरपोरेट ऑफिस व व्यावसायिक संपत्तियों और आवासीय में श्रेणी ए प्लस के सेक्टरों की आवंटन दरें यथावत रखी गई हैं. नोएडा प्राधिकरण की शुक्रवार को हुई बोर्ड बैठक में ये निर्णय लिए गए.

बैठक के मिनट्स जारी होते ही संपत्तियों की नई दरें लागू हो जाएंगी. अधिकारियों ने बताया कि आवासीय भूखंड की श्रेणी A, B और C में 17500 वर्ग मीटर जमीन के तहत 50 भूखंड खाली हैं. नई दरें लागू होने के बाद प्राधिकरण इन भूखंडों को बेचेगा.
यह निर्णय शुक्रवार को लखनऊ में हुई नोएडा प्राधिकरण की 214 वीं बोर्ड बैठक में लिया गया। लखनऊ स्थित पिकअप भवन में आयोजित बोर्ड बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एवं नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन मनोज कुमार सिंह ने की।
इसमें नोएडा प्राधिकरण सीईओ डा लोकेश एम, ग्रेनो प्राधिकरण सीईओ रवि कुमार एनजी, यमुना प्राधिकरण सीईओ अरूणवीर सिंह समेत बोर्ड के अन्य सदस्य शामिल रहे। प्राधिकरण ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए ए प्लस से ई श्रेणी के सेक्टर के लिए प्रचलित दरों में 6 प्रतिश की वृद्धि की है। हालांकि श्रेणी ए प्लस आवासीय भूखंडों की दर 1.75 लाख रुपये प्रति वर्गमीटर पर ही रहेगी।
ए श्रेणी के सेक्टरों (14, 17, 19, 30, 35, 36, 39, 44, 47, 50, 51, 52, 93, 93ए और 93बी) में भूखंडों की दर 1.18 लाख रुपये प्रति वर्गमीटर से बढ़ा दी गई है। 1.25 लाख रुपये प्रति वर्गमीटर। बी, सी, डी और ई के लिए दरें 82,420 रुपये से 45,380 रुपये से बढ़ाकर 87,370 रुपये से 48,110 रुपये तक कर दी गई हैं।
आवासीय भूखंडों के लिए प्राधिकरण ने पाया कि ई-नीलामी में बोलियां अधिकतर रिजर्व प्राइज से 30 प्रतिश अधिक होती हैं। जिसमें उपलब्ध भूखंड की तुलना में आवेदनों की संख्या काफी अधिक होती है।
आवासीय भूखंडों की नई आवंटन दरें
श्रेणी पुरानी दरें नई दरें
ए प्लस 175000 175000
बी 82420 87370
सी 60020 63620
डी 50170 53180
ई 45380 48110
बजट को मंजूरी मिली
बोर्ड बैठक में प्राधिकरण के वर्ष 2024-25 के लिए 7713 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई. इस वित्तीय वर्ष में 7713 करोड़ प्राप्ति और 7435 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है. 7713 में से संपत्ति की बिक्री, लीज रेंट आदि से 3795 करोड़ की प्राप्ति का लक्ष्य है.
विकास और निर्माण कार्यों पर 2432 करोड़ खर्च होंगे
प्राधिकरण विकास और निर्माण कार्यों पर 2432 करोड़ इस साल खर्च करेगा. इसके अलावा नोएडा में जमीन अधिग्रहण के लिए 500 करोड़ और नए नोएडा क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण के लिए एक हजार करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई. ग्रामीण विकास के लिए 159 करोड़ 40 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है. पिछले साल ग्रामीण विकास का बजट 120 करोड़ के आसपास था.
भंगेल एलिवेटेड रोड की चौड़ाई कुछ हिस्से में कम होगी
भंगेल एलिवेटेड रोड की चौड़ाई 90 मीटर हिस्से में कम होगी. पिलर नंबर-121 से 124 तक एलिवेटेड रोड के कैरिज की चौड़ाई 11.5 के बजाए 10.5 रहेगी. इसकी वजह यह है कि इस दायरे में भंगेल में कुछ इमारत आ रही थीं. अब इन इमारत के सिर्फ छज्जे तोड़े जाएंगे. पूरी इमारत तोड़ने की जरूरत नही होगी.
पैसा जमा नहीं करने वाले बिल्डरों पर कार्रवाई होगी
अमिताभकांत समिति के अंतर्गत बिल्डर-खरीदार मामले की स्टेटस रिपोर्ट बैठक में रखी गई. बताया गया कि 57 में से 22 परियोजना के बिल्डर ने कुल बकाये में से 25 % और 14 परियोजना के बिल्डर ने कुछ राशि जमा कराई है. पांच परियोजना का बकाया शून्य हो गया था. 16 प्रोजेक्ट के बिल्डर बकाया जमा करने के लिए आगे नहीं आए. जिन बिल्डरों ने पैसा जमा किया है, उनकी सोसाइटी में तीन हजार फ्लैट की रजिस्ट्री होनी प्रस्तावित है, जबकि अभी तक 1075 फ्लैट की रजिस्ट्री हुई है. बोर्ड ने आदेश दिया कि पैसा जमा नहीं करने वाले बिल्डरों पर आवंटन रद्द करने समेत अन्य कार्रवाई अमल में लाई जाए.
सुपरनोवा के लिए निवेशक तलाशे जाएंगे
सुपरनोवा प्रोजेक्ट को दिवालिया होने से बचाने के लिए बिल्डर की तरफ से निवेशक लाने का प्रस्ताव दिया गया था, जो बैंक और प्राधिकरण का बकाया देकर परियोजना को पूरा कराएंगे. सेक्टर-16बी में मैक्स बिल्डर के व्यावसायिक भूखंड को एनसीएलटी से बाहर निकालने के लिए एनओसी मिलेगी.



