ASI presented a 151-page survey report on Dhar Bhojshala in the High Court, statues have been found during the excavation, everyone is eagerly waiting for this 51-page report
आखिर वो दिन आ ही गया जब ऐतिहासिक भोजशाला की सच्चाई सामने आएगी। सोमवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने एमपी हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में धार भोजशाला की अपनी सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश कर दी है। अब इस रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है, क्योंकि इसी रिपोर्ट के आधार पर सबकुछ पता चलेगा। उत्खनन के दौरान, ASI को देवी-देवताओं की 37 मूर्तियां मिलीं, जो साइट को महत्वपूर्ण ऐतिहासिक महत्व प्रदान करती हैं।

22 जुलाई को होगी सुनवाई
बता दें कि एएसआई ने बहुत ही सावधानी से रिपोर्ट तैयार की है, जो भोजशाला के मामले में चल रही कानूनी कार्यवाही में अहम साबित होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई होनी है, जिसकी अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी।
3 महीने के सर्वे के बाद होगा बड़ा खुलासा
गौरतलब है कि इंदौर हाईकोर्ट ने 11 मार्च को ASI को भोजशाला में 500 मीटर के दायरे में वैज्ञानिक सर्वे करने का आदेश दिया था। यह सर्वे 22 मार्च से शुरू होकर 27 जून तक चला। 98 दिन के इस सर्वे के दौरान कई खोदाई हुई, जिसकी फोटोग्राफी और वीडियग्राफी भी की गई। सर्वे के दौरान ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) और ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) की भी मदद ली गई।
कई देवताओं की हैं मूर्तियां
भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा और याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने कहा कि सर्वे में अब तक जो पुरावशेष मिले हैं, वे भोजशाला को मंदिर साबित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब तक खोदाई में मिले पुरावशेषों में 37 मूर्तियां हैं। इनमें भगवान श्रीकृष्ण, जटाधारी भोलनाथ, हनुमान, शिव, ब्रह्मा, वाग्देवी, भगवान गणेश, माता पार्वती, भैरवनाथ आदि देवी-देवताओं की मूर्तियां शामिल हैं।
जैन तीर्थंकरों की मूर्तियां भी
भगवान गणेश की दो मूर्तियां हैं। भगवान भैरवनाथ सहित मयूर पंख वाले कृष्ण, हनुमानजी, ब्रह्माजी की परिवार सहित जैन तीर्थंकर की मूर्तियां भी हैं। द्वार पर द्वारपाल की मूर्ति से लेकर अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां भी मिली हैं। 1700 पुरावशेषों में स्तंभों व दीवार के 575 टुकड़े बड़े आकार के हैं।


