CM Yogi got the support of All India Muslim Jamaat on the decision to put ‘nameplates’ on shops, targeted Akhilesh
बरेली। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा मार्ग पर सड़क किनारे स्थित ढाबों पर मालिकों के नाम प्रदर्शित करने के लिए एक एडवाइजरी जारी की गई है, जो लोग इस पर राजनीति कर रहे हैं, वे गलत हैं।

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कांवड़ यात्रा के मार्गों पर दुकान संचालकों के नाम और पहचान लिखने के आदेश का समर्थन किया है। इस मुद्दे को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर राजनीतिक करने का आरोप लगाया है। मौलाना ने कहा कि मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जिले हमेशा से बेहद संवेदनशील रहे हैं। इसलिए इन जिलों में अच्छी और कड़ी व्यवस्था करना पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी बन जाती है।
कहा कि यह एक धार्मिक यात्रा है, इस पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए। हिंदुओं और मुसलमानों के बीच झड़प को रोकने के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। अखिलेश यादव ने इसे राजनीतिक रंग दे दिया है। हिंदुओं और मुसलमानों के बीच झगड़ा भड़काने की साजिश रची जा रही है।
बता दें, यूपी की योगी सरकार ने प्रदेश में कांवड़ यात्रा मार्गों पर खाद्य पदार्थों की दुकानों पर ‘नेमप्लेट’ को अनिवार्य कर दिया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय से शुक्रवार को जानकारी दी गई कि कांवड़ यात्रियों की आस्था की पवित्रता बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है। हलाल सर्टिफिकेशन वाले उत्पाद बेचने वालों पर भी कार्रवाई की बात कही गई है।
देशभर में विरोध के बावजूद कांवड़ मार्ग पर खानपान की दुकानों पर मालिक और वहां काम करने वालों का नाम लिखने के फैसले पर योगी सरकार अडिग है। साफ कहा गया है कि पूरे उत्तर प्रदेश में कांवड़ मार्गों पर खाद्य पदार्थों की दुकानों पर ‘नेमप्लेट’ लगानी होगी। इसके अलावा हलाल सर्टिफिकेशन वाले प्रोडक्ट्स बेचने वालों पर भी कार्रवाई की बात कही गई है।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बयान के संदर्भ में उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने इसे राजनीतिक रंग दे दिया है.हिंदुओं और मुसलमानों के बीच झगड़ा भड़काने की साजिश रची जा रही है.”
सपा प्रमुख अखिलेश ने कहा था कि … और जिसका नाम गुड्डू, मुन्ना, छोटू या फत्ते है, उसके नाम से क्या पता चलेगा? न्यायालय स्वत: संज्ञान ले और ऐसे प्रशासन के पीछे के शासन तक की मंशा की जाँच करवाकर, उचित दंडात्मक कार्रवाई करे. ऐसे आदेश सामाजिक अपराध हैं, जो सौहार्द के शांतिपूर्ण वातावरण को बिगाड़ना चाहते हैं.
इसके बाद कन्नौज सांसद ने कहा था कि मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस ने जनता के भाईचारे और विपक्ष के दबाव में आकर आख़िरकार होटल, फल, ठेलोंवालों को अपना नाम लिखकर प्रदर्शित करने के प्रशासनिक आदेश को स्वैच्छिक बनाकर जो अपनी पीठ थपथपायी है, उतने से ही अमन-औ-चैन पसंद करनेवाली जनता माननेवाली नहीं है. ऐसे आदेश पूरी तरह से ख़ारिज होने चाहिए. न्यायालय सकारात्मक हस्तक्षेप करते हुए शासन के माध्यम से ये सुनिश्चित करवाए कि भविष्य में ऐसा कोई भी विभाजनकारी काम शासन-प्रशासन नहीं करेगा. ये प्रेम और सौहार्द से उपजी एकता की जीत है.



