Farmers’ Protest: Shambhu Border will not open now! Hearing held in Supreme Court, order to maintain status quo on Shambhu Border
पिछले काफी दिनों से बंद शंभू बॉर्डर खुलेगा या नहीं, इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. हरियाणा-पंजाब बॉर्डर पर किसान आंदोलन मामले में शंभू बार्डर खोलने के आदेश के खिलाफ हरियाणा सरकार ने अर्जी दाखिल की थी. इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है. कोर्ट ने मामला सुलझाने के लिए कमेटी बनाने का प्रस्ताव दिया है और इस संबंध में पंजाब-हरियाणा सरकार से सुझाव मांगा है.

शंभू बॉर्डर खोलने के पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर हरियाणा सरकार की याचिका पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हरियाणा सरकार की तरफ से कहा कि हमें लोगों को हो रही असुविधा का ध्यान है. लेकिन बॉर्डर की दूसरी तरफ यानी पंजाब की ओर 500 ट्रैक्टर ट्राली बख्तरबंद के रूप में मौजूद हैं. ये ट्रैक्टर ट्रॉली पंजाब से दिल्ली की तरफ जाना चाहती हैं.
तटस्थ मध्यस्थ की जरूरत- सुप्रीम कोर्ट
न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि एक ‘तटस्थ मध्यस्थ’ की जरूरत है, जो किसानों और सरकार के बीच विश्वास पैदा कर सके। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने कहा कि आपको किसानों तक पहुंचने के लिए कुछ कदम उठाने होंगे अन्यथा वो दिल्ली क्यों आना चाहेंगे? आप यहां से मंत्रियों को भेज रहे हैं और उनकी बेहतरीन मंशा के बावजूद विश्वास की कमी है।
13 फरवरी से डेरा डाले हुए हैं किसान
पीठ ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर उचित निर्देश लिए जाएं। तब तक शंभू सीमा पर स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए पक्षकारों को यथास्थिति बनाए रखने दें। शीर्ष अदालत हरियाणा सरकार की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी गई है जिसमें उसे एक सप्ताह के भीतर अंबाला के पास शंभू सीमा पर बैरिकेड्स हटाने के लिए कहा गया था जहां किसान 13 फरवरी से डेरा डाले हुए हैं।
ट्रैक्टर बन सकते हैं युद्ध टैंक
हरियाणा सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि शंभू बार्डर पर लगाए गए बैरिकेड कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जरूरी है. एक कल्याणकारी राज्य के रूप में हम किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं. इसलिए राष्ट्रीय राजमार्ग रोका गया है. उन्होंने कहा कि मोटर व्हीकल अधिनियम उन्हें राजमार्ग पर ट्रैक्टर और JCB रोकने की इजाजत देता है. राज्य सरकार को इस पर बात का डर है कि जेसीबी और अन्य टैंकरों को युद्ध टैंक में बदल दिया जा सकता है.
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि राज्य सरकार हमेशा के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित नहीं कर सकती है. इस पर तुषार मेहता ने कहा कि हम ऐसा नहीं चाहते हैं कि हमेशा के लिए रोड बंद किये जाएं लेकिन फिलहाल सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दे.
जस्टिस उज्जवल भुईंया ने कहा कि सरकार को किसानों के साथ बात करनी चाहिए. इस पूरे मामले पर हम एक स्वतंत्र समिति गठित कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने अभी के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगाई है जिसमें शंभू बॉर्डर खोले जाने के आदेश जारी किये थे.
पंजाब और हरियाणा से समिति के लिए मांगा नामों का सुझाव
सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिष्ठित लोगों की एक समिति बनाने का प्रस्ताव दिया है। ये समिति किसानों और अन्य हितधारकों से मिलकर उनकी बात सुनेगी और ऐसा व्यवहारिक समाधान खोजेगी, जो निष्पक्ष, न्यायसंगत और सभी के हित में हो। सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा सरकारों से स्वतंत्र समिति के लिए सदस्यों के नाम सुझाने के लिए कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों राज्यों से एक सप्ताह के भीतर नाम सुझाने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा से शंभू सीमा पर चरणबद्ध तरीके से बैरिकेड्स हटाने के लिए कदम उठाने को भी कहा है ताकि जनता को कोई असुविधा न हो।
वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज संसद भवन परिसर में किसान नेताओं से मुलाकात की। मुलाकात के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, ‘हमने अपने घोषणापत्र में कानूनी गारंटी के साथ MSP का जिक्र किया है। हमने आकलन किया है और इसे लागू किया जा सकता है। हमने अभी एक बैठक की, जिसमें तय किया गया कि हम INDIA गठबंधन के दूसरे नेताओं से बात करेंगे और सरकार पर दबाव डालेंगे कि देश के किसानों को MSP की कानूनी गारंटी दी जाए।’



