Rahul Gandhi will appear in Sultanpur court in defamation case, next hearing on August 12, he had given objectionable statement on Amit Shah
मानहानि मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी 26 जुलाई को यूपी के सुल्तानपुर जिले की MP-MLA कोर्ट में पेश होंगे. पिछली कई तारीखों से वह गैरहाजिर चल रहे थे. 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में बीजेपी नेता विजय मिश्रा ने राहुल पर मानहानि का केस दर्ज कराया था. इस केस में अब कांग्रेस सांसद का बयान दर्ज होना है.

बता दें कि राहुल गांधी पर दिसंबर 2023 में कोर्ट ने गैर जमानती वारंट की प्रक्रिया शुरू की थी. तब 20 फरवरी को उन्होंने कोर्ट में सरेंडर किया था. इसके बाद कोर्ट ने उन्हें 25-25 हजार के दो बांड पर जमानत दी थी.
यूपी कांग्रेस के नेताओं के मुताबिक, राहुल गांधी 26 जुलाई को सुबह 9:00 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचेंगे और वहां से वह सड़क मार्ग से सुल्तानपुर आएंगे. इसके लिए व्यवस्थाएं की जा रही हैं.
राहुल की पेशी विशेष मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा के न्यायालय में हुई। पेशी के दौरान न्यायाधीश ने राहुल गांधी से सवाल पूछा, क्यों चला मुकदमा? राहुल गांधी बोले- राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते मुझे फंसाया गया है। मैंने बेंगलुरु के पत्रकार वार्ता में ऐसा कोई बयान नहीं दिया। इस मामले में 12 अगस्त को प्रतिवादी विजय मिश्र के अधिवक्ता की तरफ से गवाह पेश होंगे।
बता दें, सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष व भाजपा नेता विजय मिश्र ने राहुल गांधी के विरुद्ध पांच साल पहले विशेष न्यायालय में परिवाद दायर किया था, जिसमें मुकदमा चलाया जा रहा है। परिवादी के अधिवक्ता संतोष पांडेय के मुताबिक, परिवाद में आरोप है कि 15 जुलाई 2018 को पार्टी कार्यकर्ता अनिरुद्ध शुक्ल व दिनेश कुमार ने अपने मोबाइल पर एक वीडियो क्लिप दिखाया था। इसमें राहुल गांधी अमित शाह को हत्यारा कह रहे थे। उनका यह बयान जस्टिस लोया की मृत्यु से संबंधित था, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शाह को क्लीन चिट दे दी गई थी।
मजिस्ट्रेट ने अपनाया था कड़ा रुख
परिवादी व दो गवाहों के बयान व साक्ष्यों के आधार पर राहुल गांधी को विशेष मजिस्ट्रेट योगेश यादव ने आईपीसी की धारा 500 के तहत सुनवाई के लिए तलब किया तो उन्होंने 20 फरवरी को न्यायालय में पेश होकर जमानत करा ली थी। उन्हें पेशी तिथि पर व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट दी गई है। हालांकि, आरोपों पर जवाब देने के लिए उपस्थित होना पड़ेगा। पिछली कुछ पेशियों पर न आने के कारण मजिस्ट्रेट ने कड़ा रुख अपनाया। इस पर बीती दो जुलाई को राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल ने 26 जुलाई को पेश होने के लिए अवसर मांगा था।
पांच महीने में दूसरी बार न्यायालय में पेशी
राहुल गांधी पांच महीने में दूसरी बार यहां पहुंचे हैं। इससे पहले वह लोकसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच 20 फरवरी को न्यायालय में पेश हुए थे। उस समय बड़ी संख्या में अमेठी व सुलतानपुर के लोग उनसे मिलने व देखने की इच्छा लेकर पहुंचे थे। मामला न्यायालय में पेशी का था, इसलिए राहुल आए और करीब 20 मिनट में न्यायालय की प्रक्रिया पूरी हो गई। समर्थकों व विरोधी दलों के कार्यकर्ताओं के नारेबाजी के बीच वह मुस्कुराते रहे और बिना कुछ बोले ही यहां से चल दिए।
अमित शाह के खिलाफ दिया था बयान
भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेता विजय मिश्र ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर बेंगलुरु में 2018 में भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष और वर्तमान गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए चार अगस्त 2018 को मानहानि का मामला दर्ज कराया था। अदालत ने इस मामले में राहुल गांधी को 20 फरवरी को जमानत दी थी।
जानिए क्या है पूरा मामला
साढ़े 5 साल पहले कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान एक प्रेस कांफ्रेंस में राहुल गांधी ने तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर एक आपत्तिजनक बयान दिया था। इस बयान के खिलाफ सुल्तानपुर के बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। विजय मिश्र ने साल 2018 में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया था। राहुल गांधी इसी मामले में 20 फरवरी 2024 को अमेठी में अपनी ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ रोककर एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए थे, जहां उन्हें जमानत मिल गई थी। बीजेपी नेता विजय मिश्रा के वकील संतोष कुमार पांडेय के मुताबिक, अगर राहुल गांधी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले तो उन्हें अधिकतम दो साल की सजा हो सकती है।
दो जुलाई को कोर्ट में पेश नहीं हुए थे
इससे पहले राहुल गांधी को मानहानि के इस मुकदमे को लेकर इससे पहले दो जुलाई को कोर्ट में पेश होना था। हालांकि, राहुल गांधी तब कोर्ट में पेश नहीं हो पाए थे। राहुल गांधी के वकील ने कोर्ट में कहा था कि लोकसभा का सत्र चल रहा है इसलिए राहुल गांधी नहीं पहुंच पाए हैं। इसके बाद राहुल के वकील ने 26 जुलाई की तारीख मांगी थी।



