Delhi Excise Policy: Manish Sisodia’s bail plea will be heard on August 5, ED gave such an argument that the Supreme Court accepted it
नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया के लिए आज बड़ा दिन हो सकता था, लेकिन उनके तिहाड़ से बाहर आने का इंतजार लंबा होते हुए दिख रहा है. उनके वकील अभिषेक मनु सिंधवी लगातार दलील पर दलील रखे जा रहे, वहीं, ईडी ने उनके जमानत का विरोध करते हुए अपना जवाब कोर्ट में दाखिल करने के लिए 5 अगस्त का समय मांगा. शीर्ष आदालत ने ईडी की बात मानते हुए सुनवाई 5 अगस्त के लिए टाल दिया है.

गौरतलब है कि सिसोदिया पिछले 16 महीनों से तिहाड़ जेल में बंद हैं. 16 जुलाई को सुनवाई के दौरान शीर्ष कोर्ट ने दोनों जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई को आज जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था, लेकिन सुनवाई के दौरान ईडी के वकील एसजी राजू ने कोर्ट से कहा कि उनको अभी और समय चाहिए. उन्होंने जवाब दाखिल करने के लिए कोर्ट से समय मांगा. शीर्ष आदालत ने उनकी दलील पर गौर करते हुए, सुनवाई 5 अगस्त तक के लिए टाल दी.
2 जजों की पीठ कर रही सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बी.आर गवई और के.वी. विश्वनाथ की पीठ सिसोदिया की याचिका पर सुनवाई कर रहे हैं. पीठ ने 16 जुलाई के सुनवाई के दौरान दोनों जांच एजेंसियों ईडी और सीबीआई से अपने जवाब 29 तक दाखिल करने का निर्देश दिया था.सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय को एक अगस्त तक जवाब दाखिल करने का समय दिया। इस बीच, सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि उसने जवाब दाखिल कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई के जवाब को रिकॉर्ड पर लाने का निर्देश दिया।
कोर्ट की वेबसाइट पर प्रकाशित वाद सूची के अनुसार, जस्टिस बीआर गवई और केवी विश्वनाथन की पीठ 29 जुलाई को इस मामले में सुनवाई की। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर सीबीआई और ईडी को सिसोदिया की जमानत याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा था।
सिसोदिया के वकील ने दिया था यह तर्क
सिसोदिया के वकील ने तर्क दिया कि वरिष्ठ आप नेता 16 महीने से जेल में हैं और केस आगे नहीं बढ़ रहा है। अक्टूबर 2023 से जांच में कोई प्रगति नहीं हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 30 अक्टूबर को अपने फैसले में सिसोदिया को जमानत देने से इन्कार कर दिया था, लेकिन कहा था कि अगर अगले तीन महीने में मुकदमा धीमी गति से आगे बढ़ता है तो वह नए सिरे से जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं।



