Krishna Janmashtami at Chief Minister’s residence: Joyous celebration with Divyang children
रायपुर। मुख्यमंत्री निवास में आज कृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस खास मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिव्यांग बच्चों के साथ भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम में विभिन्न संस्थाओं के 25 दिव्यांग बच्चे राधा और कृष्ण के रूप में सज-धज कर शामिल हुए, जिनकी उपस्थिति ने पूरे माहौल को और भी पावन और उल्लासपूर्ण बना दिया। यह आयोजन बच्चों और उपस्थित लोगों के लिए एक अनमोल क्षण बन गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से बच्चों के साथ समय बिताकर उन्हें विशेष महसूस कराया।

मुख्यमंत्री ने की भगवान श्रीकृष्ण की पूजा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की विशेष पूजा-अर्चना की और बाल गोपाल को पालने में विराजित कर झूला झुलाया। पूजा के बाद उन्होंने प्रदेशवासियों को कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।
दिव्यांग बच्चों के संग जन्माष्टमी का उल्लास

मुख्यमंत्री निवास में दिव्यांग बच्चों के साथ जन्माष्टमी का यह आयोजन विशेष रूप से दिल छू लेने वाला रहा। विभिन्न संस्थाओं से आए 25 दिव्यांग बच्चे, राधा-कृष्ण के रूप में सजकर कार्यक्रम का हिस्सा बने। इन बच्चों ने अपने मासूम और हर्षित चेहरों से पूरे कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से सभी बच्चों को प्रसाद वितरित किया और उनके साथ घुल-मिलकर समय बिताया। इस दौरान बच्चों की अठखेलियों और उनकी मासूमियत ने सभी का मन मोह लिया।
मुख्यमंत्री ने बांटा प्रसाद
पूजा-अर्चना के बाद, मुख्यमंत्री ने पालने में विराजे बाल गोपाल की पूजा कर उन्हें झूला झुलाया। इसके पश्चात उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी दिव्यांग बच्चों को अपने हाथों से प्रसाद वितरित किया और बच्चों को आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांग बच्चे हमारी समाज की ताकत हैं और उन्हें समाज में समान अवसर और सम्मान मिलना चाहिए।
समारोह का उल्लासपूर्ण माहौल
मुख्यमंत्री निवास में जन्माष्टमी के इस कार्यक्रम में बच्चों के साथ-साथ उनके परिजन और अन्य उपस्थित लोग भी इस उत्सव का आनंद लेते नजर आए। बच्चों के राधा-कृष्ण रूप को देखकर सभी मंत्रमुग्ध हो गए। बच्चों के साथ मुख्यमंत्री का यह स्नेहिल व्यवहार और उनके साथ मनाया गया यह पर्व सभी के दिलों को छू गया।



