Mesmerizing performance by Srijani Banerjee and team
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों में से एक, चक्रधर समारोह, इस साल भी धूमधाम से मनाया जा रहा है। यह राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव राज्य की गौरवशाली कला, संस्कृति और संगीत को दर्शाता है। इस बार के चक्रधर समारोह का 39वां संस्करण में बिलासपुर की प्रतिभाशाली भरतनाट्यम नृत्यांगना सृजनी बनर्जी और उनके साथी कलाकारों की भव्य प्रस्तुति ने सबका दिल जीत लिया। 39वें चक्रधर समारोह की यह प्रस्तुति सृजनी बनर्जी और उनकी टीम के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हुई। इस मंच पर उनके नृत्य ने न केवल दर्शकों का दिल जीता, बल्कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य की परंपरा को भी और सशक्त किया। सृजनी और उनकी टीम की यह शानदार प्रस्तुति आने वाले सालों में इस महोत्सव की प्रमुख आकर्षणों में से एक के रूप में याद की जाएगी।

सृजनी बनर्जी की मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुति
भरतनाट्यम, जो कि भारत के प्राचीनतम और शास्त्रीय नृत्य शैलियों में से एक है, उसे सृजनी बनर्जी ने अपने साथियों के साथ इतनी सुंदरता से प्रस्तुत किया कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। सृजनी और उनकी टीम की नृत्य शैली और भाव-भंगिमा इतनी प्रभावशाली थी कि दर्शक भावविभोर हो गए और कई बार तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। इस युवा नृत्यांगना की प्रतिभा और उनकी कला की समझ ने हर किसी को चौंका दिया।
राष्ट्रीय स्तर पर पहले भी पहचान बना चुकी हैं सृजनी
सृजनी बनर्जी का नाम पहले भी कई राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी नृत्य कला से चर्चित रहा है। इसी वर्ष भोपाल में भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित “सांस्कृतिक संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र” की भारतीय सांस्कृतिक छात्रवृत्ति प्रतियोगिता में सृजनी ने भरतनाट्यम के अपने बेहतरीन प्रदर्शन से चयनित होकर अपनी पहचान को और सुदृढ़ किया था।
सृजनी का कला के प्रति समर्पण और अनुशासन हर मंच पर साफ झलकता है। कम उम्र में ही उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और गुरुजनों के मार्गदर्शन से इस क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।
सृजनी के गुरु और प्रशिक्षण
सृजनी बनर्जी का नृत्य प्रशिक्षण उनके गुरुओं डॉक्टर राखी रॉय और नैनका कासलीवाल के मार्गदर्शन में हो रहा है। इन गुरुओं ने सृजनी को न सिर्फ तकनीकी रूप से दक्ष बनाया है, बल्कि उनकी कलात्मक समझ को भी निखारा है। उनके निरंतर अभ्यास और मार्गदर्शन से सृजनी ने नृत्य के क्षेत्र में नये कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
साथी कलाकारों का योगदान
सृजनी के साथ उनकी टीम में शामिल पालक उपाध्याय, श्रेया मैती, पी. राजेश्वरी और मानसी नायक ने भी अपनी प्रस्तुति से इस कार्यक्रम को और भी खास बना दिया। सभी कलाकारों ने भरतनाट्यम की विभिन्न मुद्राओं और नृत्य रचनाओं के माध्यम से भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा को जीवंत किया। उनकी समर्पित और समन्वित प्रस्तुति दर्शकों के मन में गहरी छाप छोड़ गई।
सृजनी की भविष्य की योजनाएँ
सृजनी बनर्जी, जो वर्तमान में दिल्ली पब्लिक स्कूल, बिलासपुर में कक्षा 8वीं की छात्रा हैं, भविष्य में भी भरतनाट्यम नृत्य के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाना चाहती हैं। उन्होंने छोटी उम्र से ही अपनी कला में जो समर्पण और मेहनत दिखाई है, वह निश्चय ही उन्हें भविष्य में और भी ऊँचाइयों तक ले जाएगा। सृजनी के नृत्य से न सिर्फ दर्शक प्रेरित हो रहे हैं, बल्कि वह अपने समवयस्क बच्चों को भी शास्त्रीय नृत्य की ओर प्रेरित कर रही हैं।



