Government’s strict instructions regarding “Noise Pollution”, strict action will be taken against DJ operator and vehicle owner if they do not follow the rules
शासन के निर्देशों का पालन कराने अधिकारियों ने ली जिला मुख्यालय और तहसीलों में डीजे संचालकों, पिकअप वाहन संचालकों की बैठक

15 सिंतबर, रायगढ़ । ध्वनि प्रदूषण को लेकर शासन द्वारा सभी जिले के प्रशासनिक, पुलिस अधिकारियों के माननीय उच्चतम न्यायालय के दिशा निर्देशों का अक्षरश: सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए है। निर्देशों के पालन में कलेक्टर कार्तिकेया गोयल एवं पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के दिशा निर्देशन पर जिले के सभी तहसीलों में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने बैठक लेकर शासन के दिशा निर्देशों का पालन करने की हिदायत दी गई है । जिला मुख्यालय रायगढ़ में एडिशनल एसपी आकाश मरकाम की अध्यक्षता में पुलिस नियंत्रण कक्ष में डीजे संचालकों, पिकअप वाहन मालिकों तथा कंपनी अंतर्गत चलने वाले वाहन मालिकों, ट्रांसपोर्टर की बैठक ली गई । बैठक में एसडीएम रायगढ़ प्रवीण तिवारी, जिला परिवहन अधिकारी अमित कश्यप, डीएसपी ट्रैफिक रमेश चंद्रा, नगर निरीक्षक सुखनंदन पटेल, प्रशांत राव आहेर के साथ शहर में डीजे संचालन करने वाले, पिकअप वाहन संघ के सदस्यगण, कंपनियों में वाहन संचालन करने वाले ट्रांसपोर्टर मौजूद थे ।
एडिशनल एसपी ने डीजे संचालकों, पिकअप वाहन चालकों को शासन द्वारा जारी निर्देशों की जानकारी दी और नियमों का पालन करने हिदायत दिया गया जिसमें प्रमुख्त:-
वाहनों पर साउंड बॉक्स लगाकर डीजे बजाने के संबंध में– यह सुनिश्चित करें कि किसी भी वाहन पर साउंड बॉक्स न बजाया जाए। यदि किसी वाहन में साउंड बॉक्स पाया जाता है तो साउंड बॉक्स को जब्त कर वाहन का रिकॉर्ड रखा जाए। जब्त साउंड बॉक्स को मजिस्ट्रेट (कलेक्टर) के आदेश के बाद ही छोड़ा जाए। दूसरी बार पकड़े जाने पर उस वाहन का परमिट निरस्त कर दिया जाएगा ।
कार्यक्रमों में निर्धारित मानकों से अधिक होने पर : शादी, जन्मदिन, धार्मिक- सामाजिक कार्यक्रमों में ध्वनि प्रदूषण निर्धारित मानकों से अधिक ना हो किसी टेंट हाउस, साउंड सिस्टम सप्लायर या डीजे का ध्वनि प्रदूषण करने वाला उपकरण पाया जाता है तो उसे सीधे जब्त कर लिया जाएगा।
प्रेशर हॉर्न या मल्टी टोन हॉर्न के उपयोग के संबंध में :- वाहनों में प्रेशर हॉर्न या मल्टी टोन हॉर्न पाया जाता है तो उसे तत्काल वाहन से उतारकर नष्ट कर देंगे तथा रजिस्टर में दर्ज करेंगे। वाहन मालिक और चालक का डाटाबेस वाहन नंबर सहित इस प्रकार संधारित करेंगे कि दोबारा अपराध होने पर वाहन को जब्त कर लिया जाए और जब्त वाहनों को माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बिना छोड़ा न जा सके।
स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, न्यायालय, कार्यालय के समीप ध्वनि यंत्रों के उपयोग के संबंध में –यदि स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, न्यायालय या कार्यालय से 100 मीटर की दूरी पर लाउडस्पीकर बजाया जाता है, तो अधिकृत अधिकारी ध्वनि प्रदूषण उपकरण जब्त करेगा जो मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना प्रदूषण उपकरण वापस नहीं किए जाएंगे। दूसरी बार अपराध के लिए जब्त प्रदूषण उपकरण माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बिना वापस नहीं किए जाएंगे।
बैठक में डीएसपी ट्रैफिक रमेश चंद्र ने पिकअप वाहन चालकों व उद्योगों में चलने वाले वाहन मालिकों को निर्देशित किया कि वे पूर्व में दिए गये निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं, कंपनी के वाहन शहर अंदर प्रवेश ना करें, निर्धारित पाइंट पर ही अपने कर्मचारियों को लाना-ले जाना करें तथा पिकअप/माल वाहक वाहनों में सवारी ना लेकर जावें, अन्यथा जब्ती कार्रवाई की जावेगी ।



