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जन्म से लेकर मृत्यु तक जरुरत पड़ने वाले प्रमाणपत्र सभी के बन जाएं -मुख्य सचिव जैन

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Kotwali police took immediate action on the report of rape, arrested the accused of the case and sent him on judicial remand

मुख्य सचिव ने ली वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये समीक्षा बैठक

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सौरभ बरवाड़/बलौदाबाजार- 29 सितम्बर/ मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने रविवार को कमिश्नर और कलेक्टर क़ी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक लेकर निर्धारित एजेंडा पर समीक्षा क़ी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में दिए गए निर्देशों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जन्म से लेकर मृत्यु तक जो भी प्रमाणपत्र क़ी आवश्यकता होती है उन सब क़ी उपलब्धता प्रत्येक व्यक्ति को हो जाए इसके लिए हर गांव को सेचुरेट करने के लिए रणनीति बनाने निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने बैठक में एजेंडावार विस्तृत समीक्षा क़ी।

मुख्य सचिव ने कहा कि जन्म प्रणाम पत्र, जाति प्रमाणपत्र निवास, आय, विवाह एवं मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया जाए। इसके साथ यह भी ध्यान रखा जाए कि प्रमाणपत्र बनवाने में हितग्राही को सुविधा हो और लागत भी कम हो। उन्होंने कहा कि पंचायतों को सहकारी समितियों से जोड़ने के अभियान में तेजी लाने के लिए अधिकारियों के साथ ही कलेक्टर भी कम से कम एक पंचायत में जाकर सहकारी समिति से जोड़ें। इसके साथ ही राज्य स्तर से भी हर जिले में एक अधिकारी पंचायत में जाकर समिति गठित करेंगे। इसीप्रकार डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए गांव के युवा सहयोग कर रहे हैं उनके उत्साहवर्धन के लिए अधिकारी स्वयं वहां पहुंचे। मुख्य सचिव ने स्वच्छता ही सेवा अभियान में शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाने व निर्धारित लक्ष्य अनुरूप कार्यक्रम पूरा करने के निर्देश दिए। इसीप्रकार ठोस अपशिष्ट पदार्थो के प्रबंधन पर भी प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

श्री जैन ने राजस्व विभाग क़ी समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए रणनीति बनाएं। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में पटवारियों को सक्रिय करें। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार 5 वर्ष से अधिक समय तक एक स्थान पर पदस्थ पटवारियों क़ी सूची तैयार करें। उन्होंने आवारा मावेशियों के कारण सडक दुर्घटना क़ी समीक्षा करते हुए कहा कि मवेशियों को सड़क से हटाने के लिए सडक किनारे के सूखे स्थल क़ा चिन्हांकन कर पशुओं को वहां ले जाएं। आवारा और घुमन्तु पशुओं क़ी पहचान के लिए उनके सींग में रेडियम पट्टी चिपकायें।

कलेक्टर श्री दीपक सोनी ने बताया कि जिले में नशामुक्ति हेतु नईदिशा अभियान चलाया जा रहा है जिसमें समाज कलयाण विभाग एवं नाशमुक्ति केंद्र द्वारा महाविद्यालयों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है जिसमें अब तक 6 कार्यक्रम में करीब 1400 विद्यार्थी भाग लिए हैं। इसीप्रकार गौअभयारण्य जे लिए भाटापारा तहसील के सूमाभाठा का चिन्हांकन किया गया है। इसके साथ ही गौशालाओं के माध्यम से मवेशियों के व्यवस्थापन क़ी जानकारी दी।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में एनआईसी कक्ष में सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल, संयुक्त कलेक्टर श्री मिथलेश डोंडे, एसडीएम पलारी श्रीमती सीमा ठाकुर सहित अन्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

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