Teacher cheated a person of Rs 3 lakh in the name of job, police arrested him
जांजगीर-चांपा। जिले में नौकरी दिलाने के नाम पर दो लोगों से 3 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में, एक शिक्षक द्वारा दो बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर पैसे ऐंठने के आरोप में उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। आरोपी शिक्षक का नाम मनमोहन सिंह है, जो कि पुटपुरा के शासकीय मिडिल स्कूल में पदस्थ है। यह घटना 2019 में घटित हुई थी, लेकिन पीड़ितों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद अब पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की है।
यह घटना एक महत्वपूर्ण चेतावनी के रूप में उभरकर सामने आई है, जो बेरोजगार युवाओं और उनके परिवारों को फर्जी नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी से सावधान करती है।

कैसे हुई ठगी?
बालको नगर कोरबा निवासी सुलोचना बंजारे ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि उसने वर्ष 2019 में छत्तीसगढ़ शिक्षाकर्मी एवं प्रयोगशाला सहायक के पद पर निकली भर्ती के लिए आवेदन किया था। इस बीच, उसके एक रिश्तेदार के माध्यम से उसकी मुलाकात मनमोहन सिंह से हुई। सुलोचना के अनुसार, मनमोहन ने खुद को इस भर्ती प्रक्रिया में मदद करने की पेशकश करते हुए दावा किया कि नौकरी के लिए 5 से 6 लाख रुपये खर्च होंगे, लेकिन उसके लिए 3 लाख रुपये में भी काम हो सकता है। उसने सुलोचना और एक अन्य व्यक्ति कृष्ण कश्यप को भरोसे में लेकर उनसे पैसे ऐंठने की योजना बनाई।
मनमोहन सिंह ने उन्हें अपने घर न्यू चंदनिया पारा, जांजगीर में बुलाया। सुलोचना अपने पति और चाचा के साथ 14 अक्टूबर 2019 को वहां पहुंची। उस समय, मनमोहन सिंह ने दावा किया कि रिजल्ट जल्द ही आने वाला है और लिस्ट में नाम आने के लिए पैसे जल्दी देने की बात कही। इस पर भरोसा करते हुए सुलोचना ने 1.50 लाख रुपये नकद दे दिए। इसी प्रकार, नेहरू नगर बालको निवासी कृष्ण कश्यप ने भी नौकरी के लिए उसी दिन मनमोहन सिंह को 1.50 लाख रुपये नकद दिए।
रिजल्ट आने पर पता चला ठगी का शिकार हुए
15 अक्टूबर 2019 को जब रिजल्ट जारी हुआ, तो दोनों पीड़ितों के नाम चयन सूची में नहीं थे। अंक कम आने के कारण नाम न आने की बात समझते हुए दोनों ने मनमोहन सिंह से अपने पैसे वापस मांगने का प्रयास किया। सुलोचना और कृष्णा के अनुसार, जब भी वे पैसे वापस मांगते, मनमोहन बहाने बनाकर उन्हें टाल देता था।
पुलिस ने दर्ज की FIR
लगभग चार साल के इंतजार और बार-बार पैसे मांगने के बावजूद जब कोई परिणाम नहीं निकला, तो आखिरकार सुलोचना ने सिटी कोतवाली थाने में मनमोहन सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने धारा 420 के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया और आरोपी को हिरासत में लिया। पुलिस द्वारा पूछताछ में मनमोहन सिंह ने अपना अपराध स्वीकार किया और स्वीकार किया कि उसने 3 लाख रुपये में से 45 हजार रुपये वापस किए थे, जो उसने फोन के माध्यम से लौटाए थे।
आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
आरोपी शिक्षक को पुलिस ने अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब इस मामले में और जांच कर रही है कि क्या इस प्रकार के अन्य लोग भी मनमोहन सिंह के ठगी का शिकार हुए हैं।



