Sensitive initiative of Deputy Chief Minister Arun Saw, 353 new posts approved for compassionate appointment in urban bodies
वर्षों से अनुकंपा नियुक्ति का इंतजार कर रहे परिजनों को मिलेगी नौकरी

रायपुर / उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव की संवेदनशील पहल पर विभाग ने प्रदेश के विभिन्न नगरीय निकायों में अनुकंपा नियुक्ति के लिए 353 नए पद मंजूर किए हैं। श्री साव के अनुमोदन के बाद नगरीय प्रशासन विभाग ने मंत्रालय से नए पदों की स्वीकृति के संबंध में आदेश जारी किया है। राज्य शासन के इस आदेश से वर्षों से अनुकंपा नियुक्ति का इंतजार कर रहे परिवारों को नियमित नौकरी मिलेगी। शासन के इस निर्णय से नियुक्ति के लिए प्रतीक्षारत परिजन काफी खुश हैं।
राज्य शासन ने प्रदेशभर के नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अनुकम्पा नियुक्ति के लिए तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कुल 353 नवीन पदों की स्वीकृति दी है। इनमें भृत्य के 275, सफाई कामगार के 21, कुली के 19, तृतीय श्रेणी के सात, चौकीदार और माली के पांच-पांच, वाहन चालक का एक तथा 20 अन्य पद शामिल हैं। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार रायपुर संभाग के लिए 102 पद, दुर्ग संभाग के लिए 144 पद, बिलासपुर संभाग के लिए 78 पद, सरगुजा संभाग के लिए 16 पद तथा बस्तर संभाग के लिए 13 पद मंजूर किए गए हैं।
शासन द्वारा अनुकम्पा नियुक्ति के प्रावधानों के तहत शासकीय नौकरी में कार्यरत कर्मचारी या अधिकारी की सेवानिवृत्ति के पूर्व मृत्यु के बाद उसके परिवार के किसी सदस्य को नौकरी दी जाती है। इसके माध्यम से कर्मचारी के परिवार को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाती है। नगरीय निकायों में अनुकम्पा नियुक्ति से संबंधित अधिकांश प्रकरण कोरोना महामारी के दौरान दिवंगत कर्मचारियों के परिजनों के हैं, जो वर्तमान में लंबित हैं।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने विभागीय समीक्षा बैठकों में नगरीय निकायों में अनुकम्पा नियुक्ति के लंबित मामलों की जानकारी संकलित करने के निर्देश दिए थे। निकायों से प्राप्त जानकारी के आधार पर राज्य शासन ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए नए पद स्वीकृत कर नियुक्ति की कार्यवाही के लिए निर्देश जारी किए हैं। अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरण लंबित रहने से प्रभावित परिवारों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शासन द्वारा इसके लिए नए पद मंजूर कर नियुक्ति प्रदान करने से संबंधित परिवारों को आर्थिक संबल मिलने के साथ ही निकायों को विभिन्न कार्यों के लिए कर्मचारी भी मिलेंगे।



