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आदिवासी समाज ने शहीद वीरनारायण सिंह जैसे सपूत देकर प्रदेश ही नही देश को भी गौरवान्वित किया है-शिवरतन शर्मा

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The tribal society has made not only the state but also the country proud by giving sons like martyr Veernarayan Singh – Shivratan Sharma

छत्तीसगढ़ महतारी के सच्चे सपूत वीर नारायण सिंह ने छत्तीसगढ़ की जनता में देश भक्ति की भावना का संचार किया था-शिवरतन शर्मा

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शहीद वीर नारायण सिंह के देश की आजादी तथा मातृभूमि के प्रति समर्पण, बलिदान को हमेशा याद किया जाएगा-शिवरतन शर्मा

सौरभ बरवाड़/भाटापारा-:-नगर के जय स्तम्भ चौक में अमर शहीद वीर नारायण सिंह जी के शहादत दिवस पर आदिवासी गोंड समाज मॉवली महासभा सिंगारपुर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उपाध्यक्ष भाजपा छत्तीसगढ़ शिवरतन शर्मा सम्मिलित हुए..

समाज के लोगो को संबोधित करते हुए शिवरतन शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के अमर शहीद वीरनारायण सिंह जी का जीवन सबके लिए प्रेरणादायक है। सोनाखान के वीर नारायण सिंह ने जहां गांव, गरीब और किसानों की रक्षा के लिए संघर्ष किया, वहीं उन्होंने अंग्रेजों के विरूद्ध संघर्ष करते हुए देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।
शिवरतन शर्मा ने आगे कहा कि आज हम सबको संकल्प लेना चाहिए कि हम जियें तो देश के लिए और मरे तो भी देश के लिये। शहीद वीरनारायण सिंह ने सोनाखान की धरती में जन्म लेकर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ 1857 की क्रांति में अपना उल्लेखनीय योगदान दिया था। आज भी देश में जब आदिवासी बलिदान की चर्चा होती है तो शहीद वीरनारायण सिंह का नाम सबसे पहले याद किया जाता है।

शिवरतन शर्मा ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के गौरवशाली इतिहास में छत्तीसगढ़ के वीर सपूत शहीद वीर नारायण सिंह के बलिदान को हमेशा याद किया जाएगा। छत्तीसगढ़ महतारी के सच्चे सपूत वीर नारायण सिंह ने छत्तीसगढ़ की जनता में देश भक्ति की भावना का संचार किया। सन् 1856-57 के भयानक अकाल के दौरान गरीबों को भूख से बचाने के लिए उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ कठिन संघर्ष किया और अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
शिवरतन शर्मा ने समाज के लोगो से कहा कि किसी भी समाज की पहचान उसकी आर्थिक प्रगति से नहीं बल्कि जागरूकता से होती है, आदिवासी समाज अपनी श्रेष्ठ संस्कृति और उत्कृष्ट परम्परा से पहचानी जाती है। इस समाज ने शहीद वीरनारायण सिंह जैसे सपूत देकर प्रदेश ही नही देश को भी गौरवान्वित किया है। आदिवासी समाज तथा इस समाज के नेतृत्वकर्ताओं ने राजसिंहासन त्यागकर देशहित में अपने प्राणों की आहुति देकर देशवासियों को नया संदेश दिया है।

उक्त अवसर पर अध्यक्ष मावली महासभा बंशीलाल नेताम, आशिष जायसवाल, टेकसिंह ध्रुव, तीजराम ध्रुव, पुसउराम ध्रुव, दौलत कुंजाम, कृपा राम ध्रुव,संतोष ध्रुव, अमर मंडावी, नरेश ध्रुव,रिखीराम पोर्ते, सरिता ध्रुव, सहित बड़ी संख्या में सामाजिकजन उपस्थित थेl

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