मुंगेली जिला से हरजीत कुमार भास्कर की रिपोर्ट

मुंगेली / – वर्ष 2023-24 अंतर्गत पुनर्गठित मौसम आधारित उद्यानिकी रबी फसल टमाटर, बैगन, फूलगोभी, पत्तागोभी, प्याज एवं आलू के लिए बीमा हेतु अंतिम तिथि 31 दिसंबर तक निर्धारित की गई है। उद्यान विभाग के सहायक संचालक ने बताया कि शासन द्वारा साग-सब्जी की खेती करने वाले उद्यानिकी कृषकों को प्रतिकूल मौसम से होने वाले क्षति से बचाने के लिए मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू की गई है। उन्होंने बताया कि इच्छुक ऋणी-अऋणी किसान अपने नजदीकी लोक सेवा केन्द्र, बैंक शाखा, सहकारी समिति या बीमा कम्पनी, भारतीय कृषि बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि से सम्पर्क कर अपने उद्यानिकी फसलों का बीमा करा सकते हैं। इस हेतु बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि विशाल गुलाटी मोबाईल नम्बर 7224991180 एवं जिला स्तरीय प्रतिनिधि श्री ताराचंद मोबाईल नम्बर 9617739731 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि अधिसूचित फसलों में टमाटर के लिए बीमित राशि 05 प्रतिशत प्रति हेक्टेयर देय प्रीमियम 06 हजार रूपए, बैगन के लिए बीमित राशि प्रति हेक्टेयर देय प्रीमियम 03 हजार 850 रूपए, फूलगोभी के लिए बीमित राशि प्रति हेक्टेयर देय प्रीमियम 03 हजार 500 रूपए, पत्तागोभी के लिए बीमित राशि प्रति हेक्टेयर देय प्रीमियम 03 हजार 500 रूपए, प्याज के लिए बीमित राशि प्रति हेक्टेयर देय प्रीमियम 04 हजार रूपए और आलू फसल के लिए बीमित राशि प्रति हेक्टेयर देय प्रीमियम 06 हजार रूपए जमा करना होगा। इस योजना में अऋणी कृषक को शामिल होने के लिए घोषणा पत्र के साथ फसल बोआई प्रमाण पत्र अथवा प्रस्तावित फसल बोने के आशय का स्वघोषणा पत्र सहित संबंधित अन्य अनिवार्य दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। इसी तरह ऋणी कृषक जो योजना में शामिल होना नहीं चाहते, उन्हें भारत सरकार द्वारा जारी चयन प्रपत्र अनुसार हस्ताक्षरित घोषणा पत्र अनुसार बीमा आवेदन की अंतिम तिथि के 07 दिवस के पूर्व तक संबंधित वित्तीय संस्थान में अनिवार्य रूप से जमा करना होगा।
किसानों को विभिन्न मौसमी जोखिम जैसे कम या अधिक तापमान, कम या अधिक वर्षा या बेमौसम वर्षा, बीमारी अनुकूल मौसम कीट एवं व्याधि, ओलावृष्टि एवं चक्रवाती हवाएं, हवा की गति से फसलों को होने वाली क्षति से फसल बीमा का नियमानुसार लाभ प्राप्त होगा। रबी मौसम के टमाटर, बैगन, फूलगोभी, पत्तागोभी, प्याज एवं आलू फसल हेतु ओलावृष्टि हवाएं की स्थिति में कृषक इसकी सूचना सीधे बीमा कम्पनी के टोल फ्री नं. 14447 पर तथा टोटल शिकायत निवारण पोर्टल या लिखित रूप में 72 घंटे के भीतर संबंधित बैंक, स्थानीय राजस्व, उद्यानिकी, कृषि अधिकारी अथवा जिला उद्यान अधिकारी को बीमित फसल के ब्यौरे, क्षति की मात्रा तथा क्षति का विवरण सहित सूचित करना होगा।



