Agricultural research and education play an important role in making India a developed nation: Agricultural scientist Dr. Himanshu Pathak
जैविक स्टैस प्रबंधन संस्थान में आवासीय परिसर का किया लोकार्पण

महिला स्वयं सहायता समूहों को कृषि प्रसंस्करण यंत्र-आटा चक्की, आलू स्लाइसर मशीन व आलू चिप्स कटिंग मशीन का वितरण
रायपुर / भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के डॉ. हिमांशु पाठक महानिदेशक ने आज जैविक स्टैस प्रबंधन संस्थान रायपुर में नवनिर्मित आवासीय परिसर का लोकार्पण किया।
डॉ. पाठक ने संस्थान के वैज्ञानिकों, अधिकारियों एवं विद्यार्थियों के लिए आयोजित कार्यक्रम में डॉ. हिमांशु पाठक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अपने जीवन में उत्कर्षता प्राप्त करने के लिए बुद्धिमता, प्रेरणा और ईमानदारी के मंत्र को अपनाकर जीवन में आगे बढे़। उन्होने कहा की वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के दृष्टिकोण को साकार करने में कृषि अनुसंधान और शिक्षा की महत्वपूर्ण भुमिका पर जोर दिया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में जैविक स्ट्रैस की चुनौतियों के समाधान पर प्रकाश डाला एवं संस्थान के इस क्षेत्र में योगदान की सराहना की।
डॉ. पाठक ने इस मौके पर अनुसूचित जाति उपयोजना के अर्न्तगत ग्राम पंचायत घिवरा के 4 महिला स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को कृषि प्रसंस्करण यंत्र-आटा चक्की, आलू स्लाइसर मशीन व आलू चिप्स कटिंग मशीन का वितरण किया और समूह की महिलाओं से चर्चा कर समूह से जुड़ने के बाद अजीविका में हुए परिवर्तन की जानकारी ली। महिलाओं ने बताया कि समूह को पूर्व में मिली सिलाई मशीनों से अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है। इससे पूर्व डॉ. टी. आर. शर्मा, उपमहानिदेशक ने संस्थान कि विभिन्न प्रयोगशालाओ एवं अनुसंधान सुविधाओं का निरीक्षण किया और वैज्ञानिकों को बहुमुल्य मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम में केन्द्रींय लोकनिर्माण के मुख्य अभियंता श्री युधिष्ठिर नायक सहित संस्थान से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रमों का संचालन संयुक्त निदेशक डॉ. पंकज शर्मा ने किया।




