‘Mann Ki Baat’ is a unique amalgamation of achievements of countrymen, works of service to humanity and information about innovation: Chief Minister Vishnudev Sai
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कैबिनेट के सदस्यों के साथ सुनी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’

‘मन की बात ‘ सुनने वालों में नई ऊर्जा और उत्साह का करती है संचार
‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के गुरुघासीदास तमोरपिंगला टाइगर रिजर्व की चर्चा भी
रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की रेडियो वार्ता “मन की बात” सुनी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम में हर बार कुछ न कुछ नया सीखने को मिलता है। यह कार्यक्रम वास्तव में देशवासियों की उपलब्धियों, मानवता की सेवा के कार्यों और नवाचार की जानकारियों का अनूठा संगम है, जहां प्रधानमंत्री जी की ज्ञान, विज्ञान की बातें, स्वस्फूर्त रूप से देशवासियों के देश के लिए समर्पित होकर किए जा रहे कार्यों और नई नई जानकारियां सुनने वालों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करती है।
‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने छत्तीसगढ़ के गुरुघासीदास तमोरपिंगला टाइगर रिजर्व की चर्चा करते हुए कहा कि ये हम सभी के लिए बहुत खुशी की बात है कि बीते दो महीनों में हमारे देश में दो नए टाइगर रिजर्व जुड़े हैं। इनमें से एक है छत्तीसगढ़ में गुरु घासीदास–तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व और दूसरा है –मध्यप्रदेश में रातापानी टाइगर रिजर्व।
प्रधानमंत्री ने मन की बात में अंतरिक्ष विज्ञान में भारत की उपलब्धियों, युवाओं द्वारा शुरू किए गए स्टार्ट अप, महिला सशक्तिकरण के सफल प्रयासों का उल्लेख किया। देश की महान विभूतियों स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाषचंद बोस से युवाओं को प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने की बात कही। प्रधानमंत्री ने मन की बात में देशवासियों से कहा कि हम सभी अपने अपने काम से अपने देश को हर दृष्टि से सर्वश्रेष्ठ बनाने का प्रयास करते रहें।
प्रधानमंत्री ने मन की बात में भारतीय गणतंत्र की 75वीं वर्षगाँठ पर संविधान सभा की सभी महान विभूतियों को नमन किया। उन्होंने मन की बात में बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर के संविधान सभा में परस्पर सहयोग, डॉ० राजेंद्र प्रसाद जी के मानवीय मूल्यों के प्रति देश की प्रतिबद्धता और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अवसर की समानता पर प्रेरणादायक संबोधन के अंश उनकी आवाज में सुनवाए।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रयागराज के महाकुंभ में युवाओं की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि जब युवा-पीढ़ी अपनी सभ्यता से गर्व के साथ जुड़ती है, तो उसकी जड़ें और भी मजबूत होती है जिससे उसका स्वर्णिम भविष्य भी सुनिश्चित हो जाता है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ समता और समरसता का संगम और विविधता में एकता का उत्सव है।
प्रधानमंत्री ने रामलला के प्राण प्रतिष्ठा पर्व की 11 जनवरी को पहली वर्षगांठ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस दिन लाखों राम भक्तों ने अयोध्या में रामलला के साक्षात दर्शन कर उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि हमें विकास के रास्ते पर चलते हुए, अपनी विरासत को भी सहेजना है और उनसे प्रेरणा लेते हुए आगे बढ़ना है।





