Shailendra Dubey did service work on the birthday of his son and daughter
मातृ शिशु अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों को कराया गया निःशुल्क भोजन

रायगढ़: समाजसेवा और मानवता की मिसाल पेश करते हुए शैलेंद्र दुबे ने अपने पुत्र हर्ष दुबे और पुत्री प्रियल दुबे के जन्मदिन के अवसर पर मातृ शिशु अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया।
इस सेवा कार्य में श्री दुबे की माताजी श्रीमती आशा देवी, पत्नी ऊषा दुबे, पुत्र हर्ष दुबे एवं पुत्री प्रियल दुबे का विशेष योगदान रहा। यह संपूर्ण आयोजन पूर्वांचल भोजपुरी समाज रायगढ़ द्वारा संचालित ‘मां अन्नपूर्णा रसोई’ के माध्यम से संपन्न हुआ।शैलेंद्र दुबे और उनके परिवार द्वारा किया गया यह सेवा कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक है। ‘मां अन्नपूर्णा रसोई’ की यह पहल रायगढ़ में सहयोग, सेवा और मानवता का प्रतीक बन चुकी है। यह आयोजन समाज को यह संदेश देता है कि जन्मदिन जैसे अवसरों को जरूरतमंदों की सेवा में बदलकर सच्ची खुशी प्राप्त की जा सकती है।
221 दिनों से जारी है सेवा कार्य, जरूरतमंदों को मिल रहा निःशुल्क भोजन
पूर्वांचल भोजपुरी समाज रायगढ़ द्वारा संचालित ‘मां अन्नपूर्णा रसोई’ के माध्यम से लगातार 221 दिनों से मातृ शिशु अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। यह सेवा जरूरतमंदों के लिए वरदान साबित हो रही है, जिससे सैकड़ों लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
समाज के प्रमुख लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर पूर्वांचल भोजपुरी समाज रायगढ़ के संरक्षक डॉ. प्रशांत पांडेय और प्रेम नारायण मौर्य, अध्यक्ष उमेश उपाध्याय, उपाध्यक्ष ऋषिकांत पांडेय, नवीन चंद्र झा, संजय परिहार, सुरेश शुक्ला, मनोज चौहान, बिहारी लाल खत्री, संजय मिश्रा एवं संजीव झा सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने इस कार्य की सराहना की और इसे समाजसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
‘मां अन्नपूर्णा रसोई’ बनी जरूरतमंदों के लिए संजीवनी
पूर्वांचल भोजपुरी समाज रायगढ़ द्वारा संचालित ‘मां अन्नपूर्णा रसोई’ रायगढ़ में 221 दिनों से लगातार निःशुल्क भोजन वितरण कर रही है। इस अभियान से मातृ शिशु अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों को भोजन की समस्या से राहत मिली है।



