दिलीप टंडन /रीडर्स फर्स्ट न्यूज सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के वार्ड नंबर 6 सहसपुर में 13 फरवरी से
21फरवरी तक आयोजित शिवपुराण कथा का समापन शुक्रवार को पूर्णाहुति के साथ हुआ। शिवपुराण के कथा वाचक पंडित पूर्णचंद्र वैष्णव जी के सानिध्य में संपन्ना किया गया है जिसमें बड़ी संख्या में वार्ड की महिलाएं व पुरुष शामिल हुए। कथा वाचक ने अंतिम दिन की कथा सुनाते हुए भक्तों से कहा कि शिव के महात्मय से ओत-प्रोत यह पुराण शिव महापुराण के नाम से प्रसिद्ध है। भगवान शिव पापों का नाश करने वाले देव हैं तथा बड़े सरल स्वभाव के हैं।
इनका एक नाम भोला भी है। अपने नाम के अनुसार ही बड़े भोले-भाले एवं शीघ्र ही प्रसन्ना होकर भक्तों को मनवाँछित फल देने वाले हैं। पंडित ने श्रद्धालुओं से कहा कि धार्मिक आयोजनों में भावनाएं होनी जरूरी है। सगुण, साकार सूर्य, चंद्रमा, जल, पृथ्वी, वायु यह एक शिव पुराण का स्वरूप हैं। उन्होंने कहा कि अपने चारों ओर सदैव वातावरण शुद्ध रखें। जहां स्वच्छता और शांति होती है, वहां देवताओं का वास होता है। जल,वायु, पेड़ एक चेतन से लेकर जड़ चेतन में आकर एक-दूसरे के सहायक बनते हैं। जहां अधार्मिकता बढ़ जाती है और कर्म को भूल जाते हैं, वहां शिव और शक्ति दोनों नहीं होते।
शिव की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान शिव ही मनुष्य को सांसारिक बन्धनों से मुक्त कर सकते हैं, शिव की भक्ति से सुख व समृद्धि प्राप्त की जा सकती है। कहा कि इस अलौकिक शिवपुराण की कथा सुनना अर्थात पाप से विमुक्त होना है। आयोजित शिव महापुराण में कथा को सुनने के लिए सैकड़ों की संख्या में भक्त पहुचे।
कथा के समापन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
उक्त आयोजन में पारसद लंबू यादव, निरपत चौहान,पुनिराम निषाद,त्रिपति निषाद,गोकुल यादव अर्जुन, कुलदीप,भोला देवांगन,एवं समस्त ग्रामवासी भक्त आदि उपस्थित थे।




