The girl committed suicide due to harassment in love affair, Jute Mill police took prompt action in the case, arrested the accused youth and sent him to jail
रायगढ़ । जूटमिल थाना क्षेत्र में युवती द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक प्रदीप कुमार को गिरफ्तार कर 24 घंटे के भीतर न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। आरोपी अपने गृह ग्राम बिहार फरार होने की फिराक में था, लेकिन पुलिस की सक्रियता के चलते भागने से पहले ही उसे दबोच लिया गया।

घटना की जानकारी के अनुसार, 21 फरवरी की सुबह जूटमिल थाना प्रभारी निरीक्षक मोहन भारद्वाज को कहरापारा क्षेत्र में एक युवती द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने की सूचना प्राप्त हुई। मामले की जांच के लिए उपनिरीक्षक गिरधारी साव घटनास्थल पर पहुंचे, जहां आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतका (19 वर्षीय युवती) के परिजनों और सहेलियों से पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि वह एक ब्यूटी पार्लर में कार्यरत थी और पिछले चार वर्षों से प्रदीप नामक युवक के साथ प्रेम संबंध में थी।
परिजनों के अनुसार, 20 फरवरी को युवती अपने कार्यस्थल से लौटने के बाद रात में भोजन कर सो गई थी, लेकिन सुबह 4 बजे देखा गया कि उसने निर्माणाधीन मकान की गैलरी में साड़ी के सहारे फांसी लगा ली थी। मर्ग जांच में यह स्पष्ट हुआ कि कुछ दिनों पूर्व युवती और प्रदीप के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद आरोपी ने युवती की स्कूटी अपने पास रख ली थी। घटना के दिन गांधीगंज में आरोपी ने युवती की मां और बहन के सामने उसे अपमानित किया और कहा, “मेरे साथ रहना है तो रह, नहीं तो मत रह,” और स्कूटी लौटाकर वहां से चला गया। इसके बाद से ही युवती मानसिक रूप से परेशान थी और प्रदीप की प्रताड़ना से आहत होकर उसने आत्महत्या कर ली।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जूटमिल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रदीप कुमार पिता मोतीलाल राम (उम्र 25 वर्ष), निवासी दरौंदा, जिला सिवान (बिहार), वर्तमान में फटहामुड़ा, प्रियदर्शी नगर, थाना जूटमिल, रायगढ़ (छत्तीसगढ़) को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत अपराध क्रमांक 58/2025 पंजीबद्ध किया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
इस पूरे मामले की जांच और आरोपी की त्वरित गिरफ्तारी में उपनिरीक्षक गिरधारी साव, महिला प्रधान आरक्षक क्लोस्टिका खरे और आरक्षक तरुण महिलाने की अहम भूमिका रही। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।



