Three working women hostels will be built in the capital at a cost of Rs 48 crore
छत्तीसगढ़ में कामकाजी महिलाओं के लिए 202 करोड़ से बनेंगे 6 हाॅस्टल

केंद्र सरकार की विशेष सहायता से बनेगा हाॅस्टल
रायपुर /केन्ंद्र शासन की विशेष सहायता से छत्तीसगढ़ में कामकाजी महिलाओं के लिए 6 हाॅस्टल बनाए जाएंगे। इसके लिए केन्द्र के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 202 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है। इनमें राजधानी में तीन के साथ ही नवा रायपुर में सेक्टर-16 में एक और बिलासपुर तथा सिरगिट्टी में सीएसआईडीसी को दो हॉस्टल के लिए राशि दी गई है।
राजधानी रायपुर में कामकाजी महिलाओंके लिए लगभग 48 करोड़ रुपए की लागत से तीन वर्किंग वूमन्स हॉस्टल बनाए जाएंगे। इस हॉस्टल की योजना वर्ष 2024 में केंद्र शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। केंद्र सरकार द्वारा 24 फरवरी को इस प्रस्ताव की मंजूरी दे दी गई है।
नगर निगम आयुक्त श्री अविनाश मिश्रा ने बताया कि 250-250 बेड के इस हॉस्टल के बनने से राजधानी में कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवासीय सुविधा सस्ती दर पर मिलेगी। तीनों हॉस्टल तीन माले की होगी। इनमें से प्रत्येक हॉस्टल में 250-250 बेड का इंतजाम किया जाएगा। हॉस्टल के कमरे डबल बेडरूम वाले होंगे और उसमें अटैच वासरूम रहेगा। कोशिश रहेगी कि सभी हॉस्टल में मेस की सुविधा रहे, जिससे कामकाजी महिलाओं को नाश्ता व खाने के लिए बाहर न जाना पड़े। ये हॉस्टल रिहायशी इलाकों में ही बनाए जाएंगे,जिससे महिलाओं को आने-जाने में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। आयुक्त ने कहा है कि प्रक्रियाओं को तेज करते हुए इन हॉस्टल को एक साल के अंदर तैयार करने की कोशिश की जाएगी। तीनों हॉस्टल की निर्माण एजेंसी निगम रहेगा और इसका संचालन व संधारण पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर किया जाएगा।
लगभग 10 हजार महिलाएं कर रही काम
रोजगार कार्यालय से अनुसार राजधानी में लगभग 10 हजार महिलाएं बाहर से आकर सरकारी विभागों में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि निजी संस्थानों में यह संख्या बढ़ सकती है।



