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पुलिस अधीक्षक घटना स्थल पर स्वयं उपस्थित रहकर दिए आवश्यक निर्देश, हत्या का आरोपी अपचारी बालक पुलिस हिरासत मे

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The Superintendent of Police was personally present at the scene of the incident and gave necessary instructions; the juvenile accused of murder is in police custody

स्वर्णिम ईरा कॉलोनी में घटित अंधे कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने 03 घण्टे के भीतर सुलझाया

Ro.No - 13672/140

बिलासपुर।आज दिनांक 25.02.2025 को स्वर्णिम ईरा कॉलोनी में घटित एक नाबालिक बालिका की हत्या के मामले को सुलझाने मे बिलासपुर पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। घटना की सूचना मिलने के 03 घण्टे के भीतर पुलिस द्वारा हत्या के आरोपी नाबालिक बालक को हिरासत में लेकर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है। पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह (भापुसे) को घटना की सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचकर आरोपी को तत्काल गिरफ्तार करने के निर्देश दिए थे।

आज दिनांक 25.02.2025 को 10.20 बजे थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश पाण्डेय को मोबाईल फोन के माध्यम से सूचना प्राप्त हुआ कि स्वर्णिम ईरा कॉलोनी सरकडा मे 01 नाबालिक बालिका उम्र करीब 05 वर्ष कल दिनांक 24.02.2025 के शाम करीब 07.00 बजे अपने घर से बिना बताए कहीं चली गयी थी। उसका शव आज दिनांक 25.02.2025 को स्वर्णिम ईरा कॉलोनी में निर्माणाधीन मकान क्र. 80 में मिला है। सूचना प्राप्त होते ही निरीक्षक निलेश पाण्डेय द्वारा घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दिया गया। घटना की गम्भीरता एवं संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह (भापुसे) अपने मातहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसीसीयू अनुज कुमार, नगर पुलिस अधीक्षक सरकंडा सिध्दार्थ बघेल, प्रभारी एफएसएल यूनिट, प्रभारी फिंगरप्रिंट, प्रभारी डाग स्क्वाड एवं थाना प्रभारी सरकंडा निरी निलेश पांडेय एवं पुलिस टीम को तत्काल घटना स्थल के लिए रवाना किया गया एवं स्वयं घटना स्थल पर पहुंचे, घटना स्थल पर मौजूद साक्ष्यों का वैज्ञानिक पध्दति से संकलन एवं अज्ञात आरोपी के पता तलाश हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। मामले में अज्ञात आरोपी के विरूध्द अपराध धारा 103 (1) भारतीय न्याय संहिता एवं धारा 194 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत मर्ग पंजीबध्द कर विवेचना प्रारम्भ किया गया।

घटना स्थल के निरीक्षण पर पाया गया कि स्वर्णिम ईरा कॉलोनी बिलासपुर मे जिस स्थान पर घटना घटित हुआ है वहां पर सैकड़ों मकान निर्माणाधीन है जिसमे 01 हजार से अधिक महिला पुरूष मजदूर अपने बच्चो के साथ रहकर काम करते है। जिस नाबालिक बालिका की हत्या हुई है उसके माता पिता भी मजदूरी करते है तथा कॉलोनी में ही बने मजदूरो के क्वार्टर में निवास करते है। घटना स्थल के निरीक्षण एवं तरीका वारदात् से पुलिस अधिकारियो को यह स्पष्ट हो गया था कि घटना को बाहर के आरोपी ने घटित नहीं किया है। बल्कि कॉलोनी मे रहने वाले ने ही घटना घटित किया है इस आधार पर पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह के दिशा निर्देश एवं मार्गदर्शन में कुल 05 टीमो का गठन किया गया। इनमे से 03 टीमो को कॉलोनी में रहने वालो मजदूरो एवं उनके बच्चों से पूछताछ करने हेतु, 01 टीम को कॉलोनी लगे सीसीटीवी के अवलोकन हेतु एवं 01 टीम को कॉलोनी में पूछताछ कर सूचना संकलन करने की जिम्मेदारी दिया गया।

घटना के सबंध में पूछताछ एवं तस्दीक के दौरान कॉलोनी में कार्यरत मजदूर एवं अन्य व्यक्तियों के गोपनीय तरीके से शरीरिक जांच एवं गतिविधियो पर निगाह रखा जा रहा था। जांच टीम के द्वारा ऐसे 09 संदिग्धों की पहचान की गयी जिनका गतिविधि संदिग्ध प्रतीत हो रहा था एवं शरीर पर चोट खरोच के निशान दिखाई दे रहे थे। उन संदिग्धों से कड़ाई एवं बारिकी से पूछताछ किया गया। इसी बीच सीसीटीवी कैमरा के अवलोकन से नाबालिक मृतिका को 01 नाबालिग बालक हाथ पकड़कर घटना स्थल की ओर ले जाता हुआ दिखाई दिया। उक्त नाबालिक पूर्व से ही पहचान किए गए 09 संदिग्धो मे से एक था। इस आधार पर उक्त नाबालिग बालक से पूछताछ किया गया। जिसने घटना कारीत करना स्वीकार किया है। प्रकरण मे मृतिका एवं अपचारी बालक दोनो के नाबालिग होने के कारण बाल कल्याण अधिनियम मे निर्धारित प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही किया जा रहा है। नाबालिग अपचारी बालक को हिरासत मे लिया गया है जिसे माननीय किशोर न्याय बोर्ड में प्रस्तुत किया जा रहा है।
उक्त मामले को सुलझाने में थाना सरकंडा और एसीसीयू बिलासपुर के अधिकारी और कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

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