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 फर्जी श्रम आयुक्त की दबंगई! एनटीपीसी लारा में ठेकेदार को गिट्टी-रेत का टेंडर दिलाने डाला दबाव, CISF और पुसौर पुलिस ने ठग को दबोचा

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Dominance of fake labor commissioner! Pressure was exerted on the contractor to get the tender of gravel and sand in NTPC Lara, CISF and Pusaur police caught the fraudster

पुसौर पुलिस ने ठग पर धोखाधड़ी का अपराध किया कायम, आरोपी से फर्जी शील, लेटर, आईडी, आधार कार्ड की जप्ती

Ro.No - 13672/140

रायगढ़, । रायगढ़ के एनटीपीसी लारा में एक शातिर ठग बड़ा खेल करने पहुंचा था, लेकिन उसकी चालाकी ज्यादा देर नहीं चल सकी। खुद को सहायक श्रम आयुक्त (केंद्रीय) बताकर अधिकारी बनने का नाटक कर रहा यह युवक एनटीपीसी में दबंगई दिखाने पहुंचा था। उसका मकसद अपने ठेकेदार को गिट्टी और रेत का टेंडर दिलाना था लेकिन उसकी नौटंकी ज्यादा देर नहीं चली, और चौकस CISF के अधिकारी और जवानों ने उसे रंगे हाथों धर दबोचा। पुसौर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसकी ठगी की परतें उधेड़ दीं।

ऐसे खुली फर्जी अफसर की पोल

घटना 27 मार्च 2025 की है। ऑनलाइन पोर्टल के जरिए ऋत्विक कुमार षडंगी नामक युवक का विजिटर पास जारी किया गया था। यही नहीं एनटीपीसी में उसके लिए कॉल भी आया था जिसमें अनुरोध किया गया कि ऋत्विक कुमार षडंगी का विजिट के विजिटर पास जारी करें और एनटीपीसी प्रबंधन के मानव संसाधन अनुभाग के प्रतिनिधि उन्हें रिसीव करें । विजिट पास मिलने के बाद वह बड़े ठाट से एनटीपीसी संयंत्र में दाखिल हुआ। सीधा बीएचईएल के ऑफिस पहुंचा और वहां मौजूद अधिकारियों को फंसाने लगा। उसने खुद को ASSISTANT LABOUR COMMISSIONER (CENTRAL) बताया और अधिकारियों पर धौंस जमाने लगा कि ठेकेदार, गजेन्द्र सिंह परमार (बिलासपुर निवासी) को गिट्टी और रेत का ठेका दिया जाए।

शातिर दिमाग से अधिकारियों को प्रभावित करने की पूरी कोशिश की, लेकिन कहते हैं न, “चालाकी ज्यादा दिन नहीं चलती!” बीएचईएल के अधिकारियों को उसके हावभाव पर शक हुआ। उन्होंने जब श्रम विभाग से पड़ताल की, तो सच्चाई सामने आ गई—ऋत्विक कुमार षडंगी नाम का कोई भी व्यक्ति श्रम विभाग में सहायक आयुक्त नहीं था।

पुसौर पुलिस ने आरोपी से उगाले राज

जैसे ही ठग की साजिश पकड़ी गई, CISF के कंपनी कमांडर ने क्यूआरटी टीम को अलर्ट किया। जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोच लिया और उसे पुसौर पुलिस के हवाले कर दिया। जब पुलिस ने गहराई से जांच की, तो इस फर्जी अफसर की पूरी पोल खुल गई।

पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि यह सबकुछ टेंडर दिलाने के लिए किया जा रहा था। इसके लिए उसने कूट रचित दस्तावेज, फर्जी आईडी कार्ड और कॉल्स के जरिए श्रम आयुक्त होने का नाटक रचा। उसके पास सहायक श्रम आयुक्त केन्द्रीय बिलासपुर का फर्जी लेटर और फर्जी शील नमुना भी था ।

फर्जी दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया

CISF कंपनी कमांडर की शिकायत पर पुसौर थाना में अपराध क्रमांक 75/2025, धारा 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी ऋतिक कुमार सारंगी पिता मधुसूदन सारंगी उम्र 27 साल निवासी चांदमारी, थाना कोतवाली रायगढ़ के पास से आधार कार्ड, नकली आईडी और शील मोहर जब्त कर ली।

एसपी श्री दिव्यांग कुमार पटेल के दिशा निर्देशन तथा एडिशनल एसपी आकाश मरकाम के मार्गदर्शन पर इस सनसनीखेज मामले में थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक रोहित कुमार बंजारे, उप निरीक्षक कुंदन लाल गौर, सहायक उप निरीक्षक उमाशंकर विश्वाल, आरक्षक धनुर्जय चंद्र बेहरा, दिनेश गोंड, कीर्तन यादव, ठंडा राम गुप्ता और CISF टीम की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़े ठगी के खेल को नाकाम कर दिया। पुलिस आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज चुकी है ।

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