A clever thief who came from Jharsuguda and committed theft in Raigarh was arrested, Kotwali police recovered cash and mobile
रायगढ़, । कोतवाली पुलिस ने झारसुगुडा से आकर रायगढ़ में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले शातिर चोर मोहम्मद शहबाज उर्फ एमडी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अपने साथी के साथ रायगढ़ पहुंचकर कई घरों में सेंधमारी कर नकदी और मोबाइल चोरी किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी किए गए 4100 रुपये नकद और वीवो कंपनी का एक मोबाइल फोन बरामद किया है। फरार साथी की तलाश जारी है।

घटना 25-26 मार्च के दरम्यिानी रात की है, चोरी को लेकर कल दरोगापारा मस्ता गली निवासी पूर्णिमा ठेठवार ने कोतवाली थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके घर में किसी अज्ञात चोर ने घुसकर 4100 रुपये और एक रियलमी 12 प्रो मोबाइल चोरी कर लिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अप.क्र. 132/2025 धारा 331(4), 305 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
थाना प्रभारी सुखनंदन पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिरों को सक्रिय किया। इसी दौरान सूचना मिली कि एक संदिग्ध युवक बुढ़ी माई मंदिर के पास घूम रहा है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना नाम मोहम्मद शहबाज उर्फ एमडी (24 वर्ष), निवासी तेलीभांठा, झंडा चौक, झारसुगुडा (ओडिशा) बताया।
कड़ी पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह अपने साथी के साथ झारसुगुडा से ट्रेन में रायगढ़ आया था और रात में चोरी की वारदातों को अंजाम दिया। दोनों ने स्टेशन के पास एक घर से दो मोबाइल, फिर एक अन्य घर से 500 रुपये और दो मोबाइल चुराए। इसके बाद सत्तीगुड़ी चौक के आगे मस्ता गली में घुसकर पूर्णिमा ठेठवार के घर से नगदी और मोबाइल के साथ-साथ पर्दा व चादर भी ले गए। आरोपी ने बताया कि चोरी के कुछ रुपये खाने-पीने में खर्च कर दिए, तीन मोबाइल अपने साथी को दे दिए और एक मोबाइल व 4100 रुपये खुद के पास रखे।
रात में दोनों रेलवे स्टेशन पर सोए और अगली सुबह साथी झारसुगुडा वापस चला गया, जबकि शहबाज संदिग्ध अवस्था में घूमते हुए पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर उसके पास से नकदी और मोबाइल बरामद कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। फरार आरोपी की तलाश जारी है। इस कार्रवाई में निरीक्षक सुखनंदन पटेल के साथ प्रधान आरक्षक हेमन पात्रे, दिलीप भानु, आरक्षक जगन्नाथ साहू, एडवर्ड कुजूर और गणेश पैंकरा की अहम भूमिका रही।



