Home Blog मुन्ना भाई स्टाइल फर्जीवाड़ा: जीजा ने साले को भेजा परीक्षा देने, पुलिस...

मुन्ना भाई स्टाइल फर्जीवाड़ा: जीजा ने साले को भेजा परीक्षा देने, पुलिस ने किया गिरफ्तार

0

Munnabhai style fraud: Brother-in-law sent brother-in-law to take exam, police arrested him

परीक्षा हॉल में पकड़ा गया नकलचोरी का अनोखा मामला

Ro.No - 13672/140

सतर्कता से खुला भांडा, पुलिस ने दोनों आरोपियों को भेजा जेल

फर्जीवाड़े पर कड़ी कार्रवाई: न्यायिक रिमांड पर आरोपी जीजा-साला

रायगढ़ । पुसौर थाना क्षेत्र में ठगी का अनोखा मामला सामने आया है, जहां दसवीं की ओपन परीक्षा में एक युवक ने फिल्म ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ की तर्ज पर अपने साले को अपनी जगह परीक्षा देने भेज दिया। मगर उसकी यह चालाकी ज्यादा देर तक छिपी नहीं रह सकी और स्कूल प्रशासन की सतर्कता से परीक्षा कक्ष में ही फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हो गया। पुसौर पुलिस ने आरोपी जीजा-साला को धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

ऐसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
घटना शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पुसौर की है, जहां 1 अप्रैल 2025 को सुबह 9 बजे से 12 बजे तक कक्षा 10वीं की विज्ञान विषय की परीक्षा आयोजित थी। परीक्षा कक्ष क्रमांक 01 में पर्यवेक्षक जब उपस्थिति पत्रक की जांच कर रहे थे, तभी उन्हें एक परीक्षार्थी पर शक हुआ। जब प्रवेश पत्र में लगी फोटो और परीक्षा दे रहे युवक के चेहरे का मिलान किया गया, तो स्पष्ट हो गया कि दोनों अलग-अलग लोग हैं।
परीक्षा केंद्राध्यक्ष श्री कामता नाथ तिवारी ने तत्काल थाना पुसौर को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने खुद को अमन सारथी (18), पिता पंचराम सारथी, निवासी सराईपाली, थाना कोतरारोड, जिला रायगढ़ बताया। जब जांच आगे बढ़ी, तो पता चला कि अमन असल परीक्षार्थी नहीं है, बल्कि वह अपने जीजा यादराम सारथी (27) की जगह परीक्षा देने आया था।

ऐसे पकड़ाया मास्टरमाइंड
असली परीक्षार्थी यादराम सारथी फरार मिला, तो पुलिस ने तत्काल उसकी तलाश शुरू की और धरमजयगढ़ में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में यादराम ने स्वीकार किया कि वह परीक्षा में पास होने के लिए अपने साले अमन को प्रलोभन देकर अपनी जगह बैठाया था।

कानूनी शिकंजा और सबूतों की जब्ती
पुलिस ने प्राचार्य की शिकायत पर थाना पुसौर में अमन सारथी और यादराम सारथी के खिलाफ अपराध क्रमांक 82/2025, धारा- 318 (4), 319 (2), 61 (2), 3 (5) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज किया। इसके अलावा, जांच में छत्तीसगढ़ मान्यता प्राप्त परीक्षा अधिनियम 1937 की धारा 04 भी जोड़ी गई, जो परीक्षा में धोखाधड़ी और प्रतिरूपण से जुड़ी गड़बड़ियों पर लागू होती है।
पुलिस ने इस मामले में शिक्षा अधिकारी का आदेश पत्र, परीक्षा का टाइम टेबल, परीक्षार्थी उपस्थिति पत्र, आरोपी की उत्तर पुस्तिका और मोबाइल से ली गई तस्वीरें जब्त कर ली हैं।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई
इस फर्जीवाड़े को बेनकाब करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने में पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल, एडिशनल एसपी आकाश मरकाम और सीएसपी आकाश शुक्ला के निर्देशन में कार्रवाई की गई। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी में सहायक उप निरीक्षक उमाशंकर विश्वाल, प्रधान आरक्षक योगेश उपाध्याय, आरक्षक कीर्तन यादव और खिरोद भोय की अहम भूमिका रही।

न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी
पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद दोनों आरोपियों यादराम सारथी (27) और अमन सारथी (18) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
परीक्षा में पास होने के लिए किया गया यह ‘मुन्ना भाई स्टाइल’ फर्जीवाड़ा जीजा-साले के लिए महंगा साबित हुआ। प्रशासन व पुलिस ने स्पष्ट किया कि भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here