Ahilyabai Holkar Tricentenary Memorial Workshop organized in Bhatapara: 3175 religious places were renovated, Sanatan culture was strengthened
सौरभ बरवाड़/भाटापारा :- गोविन्द सारंग स्मृति परिसर भाजपा कार्यालय भाटापारा में पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर त्रिशताब्दी स्मृति अभियान के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई
मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद रुपकुमारी चौधरी, उपाध्यक्ष भाजपा छत्तीसगढ़ शिवरतन शर्मा ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।

मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि अहिल्याबाई होल्कर का जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र के औरंगाबाद में हुआ था। उन्होंने अपने शासनकाल में काशी, अयोध्या और केदारनाथ सहित पूरे भारत में 3175 धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार कराया। वह परम शिवभक्त थीं। मात्र 10 वर्ष की आयु में मल्हार राव होल्कर के पुत्र से उनका विवाह हुआ। पति और पुत्र के निधन के बाद अहिल्याबाई ने राज्य को न केवल संभाला बल्कि समृद्ध भी बनाया। उन्होंने गरीब बेटियों की शादी करवाई। भोजनालय और तालाब का निर्माण कराया। जनकल्याण के अनेक कार्य दान के माध्यम से संपन्न कराए।
कार्यशाला को सांसद रुपकुमारी चौधरी ने भी सम्बोधित कर बताया कि 26 वर्षों के शासनकाल में अहिल्याबाई ने राज-व्यवस्था, न्याय और सुशासन को एक मील की पत्थर की तरह स्थापित किया अहिल्यादेवी के शासनकाल में कभी अकाल नहीं पड़ा। आज 300 वर्ष के बाद हमें पुण्यश्लोका महारानी अहिल्याबाई होल्कर के बारे में जानने का अवसर मिला है, यह पार्टी कार्यकर्ताओं के नाते हमारे लिए और सभी परिवारों के लिए सौभाग्य का विषय है।
सम्बोधन की कड़ी में शिवरतन शर्मा ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित कर कहा कहा कि अहिल्याबाई ने “धर्म रक्षति रक्षितः” के वैदिक उद्घोष को न केवल जिया, बल्कि उसे मूर्त रूप भी दिया.
अहिल्याबाई होल्कर को धर्म, न्याय और राष्ट्रधर्म का सजीव स्वरूप बताते हुए शिवरतन शर्मा ने कहा कि वे भारतीय सनातन संस्कृति की पुनर्स्थापना की अग्रदूत थीं. जब देश विदेशी आक्रांताओं से त्रस्त था, मंदिर विध्वंस किए जा रहे थे, तब अहिल्याबाई ने बिना भय के, बिना किसी राजनीतिक समर्थन के, उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक सनातन धर्म की पुनर्स्थापना का कार्य अपने हाथों में लिया था.
हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेकर देश और सनातन संस्कृति के गौरव की पुनर्स्थापना के लिए पूरे मनोयोग से समर्पित हो जाना चाहिए. उन्होंने विदेशी आक्रांताओं के कालखंड में जिस साहस, भक्ति और समर्पण से काशी से लेकर रामेश्वरम् तक तीर्थस्थलों का पुनरुद्धार कराया, वह भारतीय इतिहास का अद्वितीय अध्याय है.
शिवरतन शर्मा ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई केवल काशी तक सीमित नहीं रहीं. उन्होंने केदारनाथ धाम, रामेश्वरम्, सोमनाथ, हरिद्वार, महिष्मति और देश के अनेक तीर्थस्थलों के जीर्णोद्धार का कार्य किया. उन्होंने नदियों, घाटों, कुओं और बावड़ियों का निर्माण करवाया ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा मिले और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता बनीं रहे.
शिवरतन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार देश में नारी शक्ति के सम्मान और उनके स्वालंबन की कई योजनाओं का संचालन कर रही है.
उक्त कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष आनंद यादव, पूर्व विधायक द्वय प्रमोद शर्मा, सनम जांगड़े, महामंत्री राकेश तिवारी, भाजपा नेता अनिल पाण्डेय, जिलाध्यक्ष भाजयुमो सुनील यदु, जिलापंचायत आकांक्षा जायसवाल, महिला आयोग सदस्य लक्ष्मी वर्मा, जनपद अध्यक्ष द्वय सुलोचना यादव, सविता अनंत, केजूराम बघेल, हेम सिंह चौहान,कृष्णा अवस्थी, सहित पाचो मंडल अध्यक्ष, पार्टी पदाधिकारी कार्यकर्त्ता उपस्थित रहेl



