Chhattisgarh Child Rights Protection Commission made an appeal – Every child is entitled to rights
रायपुर / छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा ’’बाल अधिकारों पर आह्वान’’ नामक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा, उनके कल्याण और जागरूकता को बढ़ावा देना रहा।

आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को जीवन, सम्मान, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और विकास के समान अवसर मिलना उनके मौलिक अधिकार हैं। बच्चों को शोषण, दुर्व्यवहार, उपेक्षा और हिंसा से बचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बाल श्रम, तस्करी और यौन शोषण जैसे खतरों से बच्चों की रक्षा करने की आवश्यकता पर बल दिया।
आयोग के सचिव श्री प्रतीक खरे ने कहा कि आज के समय में बच्चे विभिन्न प्रकार की हिंसा और शोषण का सामना कर रहे हैं, जिसे रोकने के लिए जागरूकता आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित हितधारकों जैसे माता-पिता, शिक्षक, समुदाय, पुलिस और बाल सहायता संस्थाओं से मिलकर कार्य करने की अपील की। उन्होंने पॉक्सो अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम की जानकारी और प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।
इस अवसर पर आंजनेय विश्वविद्यालय के 50 विद्यार्थियों, फैकल्टी सदस्य और बाल आयोग के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बच्चों के अधिकारों से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई और उनके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया।




