Collector Dr. Sanjay Kannauje appealed to the residents of tribal areas to take advantage of the schemes
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 15 से 30 जून तक लगेंगे विशेष शिविर

धरती आबा अभियान में 25 सरकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ
दिलीप टंडन/रीडर्स फर्स्ट न्यूज विशालपुर सारंगढ़-बिलाईगढ़, 2 जून 2025/राज्य शासन द्वारा संचालित धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के 17 आदिवासी बहुल ग्रामों में 15 जून से 30 जून तक विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों के माध्यम से जनजातीय समुदाय के लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की 25 प्रमुख योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जाएगा।
कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने जानकारी दी कि इन शिविरों का उद्देश्य जनजातीय गांवों का समग्र विकास करते हुए सभी पात्र परिवारों को योजनाओं से शत-प्रतिशत लाभान्वित करना है। बिलाईगढ़ विकासखंड के 10, सारंगढ़ के 4 और बरमकेला विकासखंड के 3 गांवों में ये शिविर आयोजित होंगे।
योजनाओं से लाभ के लिए अपील
कलेक्टर डॉ कन्नौजे ने जनजातीय क्षेत्र के निवासियों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए अपील किया है। इन शिविरों में आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, श्रम पंजीयन कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि, वन अधिकार पत्र, पीएम विश्वकर्मा योजना, अटल पेंशन योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, सिकलसेल जांच सहित कुल 25 योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को प्रदान किया जाएगा।
बेसलाइन सर्वे जारी
कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने कहा कि शिविरों के सफल आयोजन और शत-प्रतिशत संतृप्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी 17 ग्रामों में बेसलाइन सर्वे कार्य जारी है, जिसे 10 जून तक पूर्ण कर लिया जाएगा। सर्वे के आधार पर छूटे हुए परिवारों को चिह्नित कर योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
प्रचार-प्रसार और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय
कलेक्टर ने आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त को इन शिविरों का व्यापक प्रचार- प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अन्य जिला अधिकारियों को शिविरों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए निर्देशित किया है। यह विशेष अभियान जिले के जनजातीय ग्रामों के लिए विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा, जिससे गांवों में बुनियादी सुविधाएं सुलभ होंगी और जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा।



