Sensitive initiative for the displaced people of Pragati Nagar
मरीन ड्राइव परियोजना के तहत मां विहार कालोनी में पुनर्वास, ओपी चौधरी के निर्देश पर मिल रहा सुविधाओं से भरपूर नया ठिकाना

रायगढ़।नगर के प्रगति नगर क्षेत्र में मरीन ड्राइव (कयाघाट) परियोजना के अंतर्गत हो रहे सौंदर्यीकरण व विकास कार्यों के चलते विस्थापित हो रहे परिवारों को मां विहार कॉलोनी में पुनर्वासित किया गया है। यह कार्य छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री और रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी के नेतृत्व और स्पष्ट निर्देशों के तहत पूरी संवेदनशीलता के साथ किया जा रहा है।
हर परिवार को मालिकाना हक के फ्लैट, साथ में आर्थिक सहायता
इस पुनर्वास योजना के तहत प्रत्येक विस्थापित परिवार को मालिकाना हक वाले पक्के फ्लैट प्रदान किए गए हैं। वहीं ₹75,000 प्रति परिवार प्रावधान किया गया है।
शिफ्टिंग की समुचित व्यवस्था
विस्थापितों की सुविधा का पूरा ध्यान रखते हुए प्रशासन द्वारा वाहनों की सुविधा, भोजन वितरण, स्वास्थ्य जांच के लिए मेडिकल कैंप तथा अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए विभागीय कैंप लगाए गए हैं। यह सभी व्यवस्थाएं सुनियोजित और मानवीय दृष्टिकोण के साथ की गई हैं।
मां विहार कॉलोनी की सफाई युद्धस्तर पर
नवपुनर्वसित कॉलोनी “मां विहार” की सफाई एवं बुनियादी संरचनाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए नगर निगम की टीम लगातार सक्रिय है। कॉलोनी को पूरी तरह रहने लायक और स्वच्छ बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है।
समाज और संगठन भी आगे आए
इस मानवीय पहल में सिख समाज, देवांगन समाज, बरई-थवाईत समाज और भाजपा महिला मोर्चा ने भी अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई। इन संगठनों की ओर से विस्थापित परिवारों को बिस्किट, फल, जूस, लस्सी, मिक्सचर आदि वितरित किए गए, जिससे उन्हें सहानुभूति और अपनापन महसूस हो सके।
ओपी चौधरी की पहल ने जीता विश्वास
इस पूरे अभियान में विधायक और वित्त मंत्री ओपी चौधरी की संवेदनशीलता और दूरदर्शिता झलकती है। उनका यह प्रयास सिर्फ एक पुनर्वास योजना नहीं, बल्कि “विकास के साथ सामाजिक न्याय” की मिसाल है। उनके स्पष्ट निर्देशों पर जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम हर बिंदु पर विस्थापितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।

रायगढ़ वासियों का समर्थन
रायगढ़ शहर की जनता भी इस पहल के समर्थन में खड़ी है। शहरवासियों का मानना है कि विकास के लिए विस्थापन आवश्यक हो तो भी सरकार और प्रशासन को मानवीय दृष्टिकोण नहीं छोड़ना चाहिए, और ओपी चौधरी ने यही करके दिखाया है। शहर का हर नागरिक इस बदलाव को सकारात्मक रूप में देख रहा है। “विकास और संवेदना का मेल, रायगढ़ बना रहा है नई मिसाल”।




