Home छत्तीसगढ़ वैचारिक शुद्धता व संस्कार बनाए रखने प्रभुकथा सहायकः श्रीश्वरी देवी

वैचारिक शुद्धता व संस्कार बनाए रखने प्रभुकथा सहायकः श्रीश्वरी देवी

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भौतिक वस्तुओं से सम्पन्न होने के बाद भी लोगों में वैचारिक षुद्धता, सहिश्णुता एवं संस्कार का अभाव देखने का मिल रहा है जिससे अषांति एवं कुविचार पनप रहे हैं वहीं सम्पन्न व्यक्ति और सम्पन्न होने अनाचार की ओर आकृश्ट होकर अपने लोगों के प्रति दुर्भावनाओं का पोशण कर रहे हैं जबकि ये आवष्यक नहीं है ऐसे स्थिति से निजात दिलाने प्रभुकथा एवं उनके आराधना में की गई मधुर भजन ही सहायक हो सकते हैं। उक्ताषय को अवगत कराते हुये 29 दिसम्बर से पुसौर के नगर पंचायत कार्यालय परिसर में जगत गुरू प्रातः स्मरणीय कृपालु महाराज के परम षिश्या सुश्री श्रीस्वरी देवी जी दार्षनिक प्रवचन एवं सुमधुर कीर्तन करने जा रहे हैं। बिते बुधवार को उक्त कथावाचक एवं उनके टीम का पुसौर आगमन हुआ जिनका भव्य स्वागत नगर अध्यक्ष रितेष थवाईत, पूर्व उपाध्यक्ष संतोश गुप्ता, भाजपा मण्डल महामंत्री सुरेन्द्र जेना, पूर्व पार्शद बैंकुण्ठ गुप्ता, पूर्व जिला पंचायत सदस्य दिलीप पाण्डेय, अपेक्स बैंक प्रबंधक के.के. परेता सहित अन्य गणमान्य लोगों के अगुवाई में हुआ जहां नगर के सैकडों महिला पुरूश श्रद्धालु जन मौजुद रहे। जानकारी के मुताविक इनके आने के पहले ही इनके स्वागत में पुश्प गुच्छ, माला एवं बाजा गाजा लेकर बस स्टैण्ड में खडे रहे और जैसे ये वहां पहुंचे तो उनका स्वागत कर कीर्तन करते हुये समुचा काफिला नगर अध्यक्ष रितेष थवाईत के निवास पहुंचा। जहां वरिश्ठ दवा विक्रेता एवं नगर अध्यक्ष रितेष थवाईत के पिता सुषील थवाईत एवं उनका समुचा परिवार स्वागत कलष स्थापित कर इनकी भावभीनी अगवानी की। निवास स्थान पहुंचते ही सुश्री सुस्वरी देवी ने सर्वप्रथम भगवान कृश्ण एवं राधा रानी जी की आरती की और उपस्थित सभी श्रद्धालुओं से परिचय करते हुये उनका कुषल क्षेम पुछा और 5 से 7 बजे होने जा रहे प्रवचन में आने की सुझाव दी इसी कडी में इन्हौने प्रवचन में बच्चों को आवष्यक रूप से जबरदस्ती एक दो बार लाने के लिये कहा चूंकि बच्चों में ईष्वर के प्रति आस्था होगा तो निष्चित ही समाज में सदभावना का विकास होगा। इस बीच कई अन्य श्रद्धालु गणों ने सौजन्य वष मिलने आये थे जिन्हें रितेष थवाईत एवं उनके सहयोगियों ने भोग स्वल्पाहार देकर ससम्मान विदा किया।

Ro.No - 13672/140

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