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सिंचित क्षेत्रों में द्विफसलीय फसल लेने कृषकों को करें प्रोत्साहित

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Encourage farmers to take double cropping in irrigated areas

जिले में बीज उत्पादक कृषकों की संख्या में करें वृद्धि-कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी

Ro.No - 13672/140

मृदा टेस्ट बढ़ाने के कार्य में लाए तेजी

कलेक्टर चतुर्वेदी ने कृषि विभाग के कार्यों की समीक्षा

रायगढ़ / कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कृषि विभाग की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने कृषि विभाग के काम-काज एवं आगामी कार्ययोजना की जानकारी ली। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री जितेन्द्र यादव उपस्थित रहे।

कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने जिले में कृषि के क्षेत्राच्छादन की जानकारी ली। उन्होंने जिले के सिंचित एवं असिंचित कृषि क्षेत्र की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में सिंचाई के साधन है, लेकिन द्विफसलीय फसल नहीं लिया जा रहा है, ब्लॉक स्तर के अधिकारी ऐसे क्षेत्रों का चिन्हांकन कर, उन क्षेत्रों में द्विफसलीय फसल जैसे दलहन, तिलहन लेने के लिए कृषकों प्रोत्साहित करें, ताकि कृषकों की आय में वृद्धि ही सके। उन्होंने बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु उप संचालक कृषि को आरएईओ के माध्यम से बीज उत्पादक कृषक बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने बीज, खाद, भंडारण एवं वितरण के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री फसल के संबंध में समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बीमा के साथ ही दावा भुगतान की जानकारी भी ली। उन्होंने प्रधानमंत्री स्वायल हेल्थ कार्ड के संबंध में जानकारी लेते हुए स्वायल टेस्ट बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को फसल चयन में आसानी हो सके। उन्होंने नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयल सीड योजना की जानकारी लेते हुए विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कृषि विभाग से कहा कि आरएईओ एवं एसएडीओ के माध्यम से कृषकों को नैनो डीएपी के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करें।
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने खाद्य विभाग को चावल जमा करवाने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने खाद के रैंक के संबंध में जानकारी लेते हुए कहा कि समन्वय करते हुए सीधे समितियों में पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने फॉर्मर रजिस्ट्री पोर्टल में कृषकों के रजिस्ट्रेशन की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिन कृषकों के पोर्टल में रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहे है, उन कृषकों के समस्याओं की जानकारी उपलब्ध करवाए, ताकि उनका निराकरण किया जा सके। उन्होंने पीएम कृषक सम्मान निधि की समीक्षा करते हुए कहा कि जिले के कृषकों के पंजीयन का अवलोकन करें, साथ ही पुन: जांच कर पात्र कृषकों को लाभान्वित करने का प्रयास करें।

इस अवसर पर उप संचालक कृषि श्री अनिल वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री एल.आर.कच्छप, सहायक संचालक मछली पालन श्री एम.के.पाटले, उद्यानिकी श्री डी.आर.खर्रा सहित समस्त विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

लक्ष्य प्राप्ति के लिए योजनाबद्ध तरीके से करे कार्य

कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने उद्यानिकी विभाग की समीक्षा। उद्यानिकी विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि जिले में राज्य एवं केंद्र पोषित योजनाएं संचालित की जा रही है। जिसमें वर्तमान में नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयल पॉम योजना संचालित है। जिसके तहत आगामी दिनों के रोपण की जाएगी, जिसके लिए बड़े किसानों को चिन्हांकित किया गया है। जिस पर कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति के योजनाबद्ध तरीके से बेहतर कार्य करे।

कृत्रिम गर्भाधान हेतु बनाए कार्ययोजना

कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने पशुपालन विभाग की समीक्षा की। उन्होंने जिले के गौवंश एवं बकरी कृत्रिम गर्भाधान की जानकारी लेते हुए कहा कि कृत्रिम गर्भाधान के लिए पशुपालकों का पंजीयन के साथ ग्रामवार कार्ययोजना बनाना सुनिश्चित करें, ताकि संबंधित पशुपालकों को समय पर उसका लाभ मिल सके। उन्होंने पात्र हितग्राहियों को सुकर, बकरी, कुटकुट पालन के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए ताकि आय में वृद्धि हो सके।

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