Quick benefits being given in camps organized under Tribal Development Campaign
धरती आबा शिविर में निशुल्क जाब कार्ड पाकर आठ परिवारों के चेहरे पर आई मुस्कान

रायपुर / कोरिया जिले में कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी के मार्गदर्शन में धरती आबा अभियान के तहत आयोजित हो रहे ग्राम जनभागीदारी शिविरों में ग्रामीण जनों की मांगो पर त्वरित कार्यवाही की जा रही है। यहां अपनी पात्रता अनुसार मांग रखने वाले जनजातीय समुदाय के परिवारों के लिए जनहितकारी योजनाओं में पंजीयन और पात्रता अनुसार अन्य लाभ भी मौके पर ही प्रदाय किए जा रहे हैं। इस कड़ी में गत दिवस ग्राम पंचायत मुरमा में आयोजित जनभागीदारी शिविर में जाब कार्ड की मांग करने वाले आठ आदिवासी परिवारों को आवश्यक कागजी कार्यवाही पूर्ण करते हुए मौके पर ही निशुल्क महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनांर्तगत जाब कार्ड उपलब्ध कराया गया। इससे इन परिवारों के चेहरे खिल उठे। अब इन परिवारों को अपने ही गांव में काम की मांग के आधार पर 100 दिवस का अकुशल रोजगार सुनिश्चित हो सकेगा। विदित हो कि कोरिया जिले में 17 जून से आयोजित धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान के तहत पूरे जिले के 154 गांवों में सघन प्रचार प्रसार अभियान चलाकर जनभागीदारी शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। शिविरों में आने वाले जनजातीय वर्ग के ग्रामीण जनों को शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं से लाभ दिलाने की प्रक्रिया पूर्ण कराई जा रही हैं। .
बैकुण्ठपुर जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत मुरमा, चंपाझर, बरदिया, पीपरडांड़, सोरगा, बिलारो, लोटानपारा, दुधनियाखुर्द, उमझर, बिशुनपुर, जूनापारा और रकया ग्राम पंचायतों में जनभागीदारी शिविर आयोजित किया गया। इन शिविरों में बड़ी संख्या में जनजातीय समुदाय के नागरिक शामिल हुए और अपनी पात्रता अनुसार विभिन्न विभागीय योजनाओं से जुड़ने के लिए शिविर में पंजीकरण कराया। शिविरों में योजनाओं के लाभार्थियों की संतृप्तीकरण अवस्था को पाने के लिए प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सूचनाएं ले जाने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही इन शिविरों में कलेक्टर कोरिया की क्लीन कोरिया ग्रीन कोरिया थीम के साथ एक पेड़ मां के नाम अभियान पर भी कार्य किया जा रहा है। प्रत्येक शिविर स्थल में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों के साथ एक पेड़ मां के नाम रोपण कार्य किया जा रहा है। साथ ही कलेक्टर के निर्देशानुसार प्रत्येक आवास हितग्राही के पक्के मकान के समीप भी एक पेड़ मां के नाम रोपने का कार्य किया जा रहा है।



