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छत्तीसगढ़ महिला आयोग की सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में हुई प्रथम सुनवाई

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The first hearing of Chhattisgarh Women Commission was held in Sarangarh-Bilaigarh district

कुल 13 प्रकरणों में 5 प्रकरण नस्तीबद्ध, 3 प्रकरण रायपुर स्थानान्तरित हुआ

Ro.No - 13672/140

समझौता, समझाईस पर आवेदिका को एक लाख रूपये देने हुए सहमत

प्रधान आरक्षक का दूसरी महिला से अवैध संबंध* : आवेदिका से करेगा समझौता अन्यथा नौकरी से हटाने का आयोग करेगी अनुशंसा

सुनवाई में पाया शिकायतकर्ता महिला के पास निजी नौकरी, दुकान, जमीन सब था, उल्टा दूसरों को परेशान करती रही

दिलीप टंडन/रीडर्स फर्स्ट न्यूज सारंगढ़-बिलाईगढ़ 20 जून 2025/छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं सदस्य सरला कोसरिया ने कलेक्टोरेट सारंगढ़ के सभाकक्ष में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर जन सुनवाई की। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में यह 329वीं एवं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में प्रथम सुनवाई हुई। जन सुनवाई में जिले के 13 प्रकरणों पर सुनवाई की गई। इस दौरान विधायक सारंगढ़ उत्तरी जांगड़े, जिला पंचायत रायगढ़ के पूर्व सदस्य अनिका भारद्वाज, गणमान्य नागरिक शिवकुमारी चौहान, कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे, पुलिस अधीक्षक आञ्जनेय वार्ष्णेय, अपर कलेक्टर एस के टंडन, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी बृजेन्द्र सिंह ठाकुर उपस्थित थे।
सुनवाई
सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आवेदिका ने अपनी सास और ससुर के खिलाफ आवेदन प्रस्तुत किया है कि, उसे दहेज के लिए तंग करते है। उसकी शिकायत झूठी पाई गई। अनावेदक पक्ष ने बताया कि उसके तीन बेटे हैं और उसने सभी को दो-दो एकड जमीन दे दी है और दो एकड़ अनावेदक पक्ष के पास है। उसके अलावा संयुक्त परिवार का मेडिकल स्टोर भी आवेदिका ने अपने पास रख ली है और आवेदिका ने अपने जेठ के खिलाफ एफ.आई.आर. किया था जिसको लेकर उनका सुलहनामा हो चुका है इन कारणों से दोनो पक्षो के मध्य आये दिन लडाई झगड़ा होते रहता है दोनो पक्षो को समझाईस दिया गया कि, अपने-अपने हिस्से में रहे और एक-दूसरे के मामले में दखल अनदाजी न करें। इस निर्देश के साथ प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया। उल्लेखनीय है कि इस केस में शिकायतकर्ता महिला के पास निजी नौकरी, मेडिकल दुकान, बटवारा की जमीन सब थी, लेकिन कानून का भय दिखाकर एफआईआर कराकर बूढ़े सास ससुर सहित देवरानी आदि को परेशान कर रही थी और महिला स्वयं सभी जगह उनके विरुद्ध उल्टा शिकायत की थी।
ऐसे ही एक प्रकरण में दोनो पक्षो को विस्तार से सुना गया और विस्तृत काउंसलिंग किया गया। दोनो की एक सात वर्षीय बेटी है। अनावेदक उनका पालन-पोषण करने के लिए तैयार नहीं है। अनावेदक कहता है कि, उनकी नौकरी छूट गई है जबकि वह जिंदल कंपनी में काम करता था और उसकी 62 हजार रूपये प्रतिमाह तनख्वाह थी। दो साल से आवेदिका अपने मायके में है अनावेदक ने उसे अब तक कोई भरण पोषण नहीं दिया है और न ही देने की मंशा रखता है। ऐसी स्थिति में आवेदिका के द्वारा की गई शिकायत सही साबित होती है कि अनावेदक उसे लगातार प्रताडित करते आ रहा है। आवेदिका को तुरंत आर्डरशीट की प्रति निःशुल्क दिया जाता है जिसके आधार पर यह अनावेदक के खिलाफ दहेज प्रताड़ना की एफ. आई.आर. करा सकेगी इस निर्देश के साथ प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।
अन्य प्रकरण में अनावेदक के परिवार की ओर से उपस्थित दो व्यक्ति ने बताया कि आवेदकगण सभी केदारनाथ गये है। हाईकोर्ट की कागज लेकर उपस्थित हुए है। आवेदिका पक्ष को सुना गया और समझाईस दिया गया कि वह रायपुर महिला आयोग कार्यालय में उपस्थित होकर प्रकरण में सुलहनामा कर एकमुश्त भरण पोषण के साथ आपसी राजीनामा से तलाक करवा सकते है। अनावेदक पक्ष भी इस सुलह के लिए तैयार हो सकते हैं। प्रकरण रायपुर सुनवाई के लिए स्थानांतरित किया जाता है। अगली सुनवाई 14.07.2025 को होगी। अन्य प्रकरण में प्रकरण रायपुर स्थानान्तरित किया गया जहां उभयपक्ष एकमुश्त भरण पोषण के रूप में आपसी राजीनामा से तलाक लेंगे अन्यथा आवेदिका उनके खिलाफ सिविल सर्विसेस रूल्स के तहत् आयोग के द्वारा कार्यवाही की अनुशंसा किया जायेगा अगली सुनवाई दिनांक 14.07.2025 को होगी। अन्य प्रकरण में आवेदिका ने दो बार आवेदन प्रस्तुत किया था। उभय पक्षो ने बताया कि दोनों पक्षो के बीच समझौता हो गया है अतः प्रकरण नस्तीबद्ध किया जाता है।
ऐसे ही एक प्रकरण में उभय पक्ष ने आपस में आर्य समाज से विवाह किया था जिसके बाद बिना तलाक लिये अनावेदक ने दूसरा विवाह कर लिया है। आयोग के द्वारा समझाईस दिये जाने पर दोनो पक्ष आपसी राजीनामा से तलाक के लिए तैयार है। अनावेदक पक्ष आवेदिका को एक लाख रूपये देगा और सुलहनामा के आधार पर आपसी राजीनामा से तलाक का आवेदन रायपुर न्यायालय में प्रस्तुत होगा आगामी सुनवाई रायपुर में दिनांक 21.07.2025 को होगी।

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