Home Blog नवीन पाठ्यपुस्तक पर आधारित 6 दिवसीय प्रशिक्षण डाईट धरमजयगढ़ में सम्पन्न

नवीन पाठ्यपुस्तक पर आधारित 6 दिवसीय प्रशिक्षण डाईट धरमजयगढ़ में सम्पन्न

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6 day training based on new textbook concluded in DIET Dharamjaygarh

दिलीप टंडन/ रीडर्स फर्स्ट न्यूज
एन इ पी 2020 के अनुसार एन सी एफ- 2022 बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के लक्ष्य को प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करती है।इसी लक्ष्य को प्राप्त करने की कड़ी में एनसीईआरटी के विषय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में एससीइआरटी के विषय विशेषज्ञों द्वारा नवीन पाठ्यपुस्तक का निर्माण किया गया।इस नवीन पाठ्यपुस्तक के उद्देश्यों को बच्चों तक कैसे पहुंचाया जाए व बच्चे इसके उद्देश्य को प्राप्त कर 21 वीं सदी के कौशल के साथ आगे की शिक्षा के लिए आयु अनुरूप दक्ष हो सकें इसके लिए डाईट धरमजयगढ़ में 23 जून से 28 जून 2025 तक 6 दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित हुआ।डाईट धरमजयगढ़ के प्राचार्य श्री अनिल कुमार पैंकरा व दोनों जिला के प्रशिक्षण प्रभारी ब्रजेश द्वेदी व डाइट प्रशिक्षण प्रभारी अनिल गवेल सर के मार्गदर्शन में जिला स्रोत समूह द्वारा विकास खंड स्रोत समूह) का प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण में रायगढ़ व सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के सभी ब्लाक के बीआरजी साथियों ने नवीन पाठ्यपुस्तक के बारे में व इसे एन सी एफ-एफ एस 2022 के अनुसार किस तरह तैयार किया गया है इसे विभिन्न समूहों में प्रस्तुतिकरण करके जाना।बता दें कि कक्षा 1ली व 2री के गणित व अंग्रेजी तथा 3री के पूरे पाठ्यक्रम में बदलाव हुआ है साथ ही कला शिक्षा व योग को इसमें समाहित किया गया है।पूरा पाठ्यपुस्तक गतिविधि आधारित व बच्चों के लिए आकर्षक तथा परिवेशीय चित्रों व उदाहरणों से सुसज्जित है।प्राचीन संस्कृति,सभ्यता , व्यवहारिक,नैतिक ,बौद्धिक सामाजिक गुणों के साथ यह पुस्तक बच्चों के विभिन्न विषयों के उद्देश्यों को पूर्ति करने वाला है।यह प्रशिक्षण के द्वारा बताया गया।बच्चों के लिए इसे प्रभावी बनाने के लिए अभ्यास पुस्तक व शिक्षक संदर्शिका का निर्माण इस पुस्तक की गुणवत्ता को और बढ़ाती है जिसके लिए एससीईआरटी SCERT की पुस्तक निर्माण टीम बधाई के पात्र हैं।यह शिक्षकों को दैनिक साप्ताहिक व वार्षिक कार्ययोजना बनाने में मदद करती है।विभिन्न पाठों की समझ के लिए कई सारे रोचक गतिविधियां पाठ की समझ पुख्ता करती है।इसमें बच्चे स्वयं पाठ संबंधित गतिविधियों को पढ़कर मैंने सीख लिया करके आकलन भी स्वयं कर पाते हैं।अतः यह परीक्षा के भय को भी समाप्त करता है।यह सब प्रशिक्षण के दौरान बताया गया।जिला रायगढ़ डीईओ के व्ही राव,डीएमसी नरेन्द्र चौधरी, एपीसी भुवनेश्वर पटेल सर ने प्रशिक्षण में अपनी गरिमामयी उपस्थिति देकर सभी बीआरजी को इस प्रशिक्षण को धरातल में साकार करने व लाभार्थी बच्चों तक पहुंचाने में अपनी अहम भूमिका निभाने हेतु प्रेरित किया।उक्ताशय की जानकारी डीआरजी संतोष कुमार पटेल ने दी।

Ro.No - 13672/140

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