9 wickets fell in 25 balls: Indian women’s team created a world record, England suffered a huge blow despite the victory
हरमनप्रीत की अगुवाई में गेंदबाज़ों का कमाल, पुरुष क्रिकेट में भी नहीं बना ऐसा रिकॉर्ड

भारत और इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीमों के बीच खेले गए तीसरे T20I मुकाबले में भले ही इंग्लैंड ने 5 रन से रोमांचक जीत हासिल की हो, लेकिन इस मैच में भारतीय महिला टीम ने इतिहास रच दिया। भारत की शानदार गेंदबाज़ी के सामने इंग्लैंड की मजबूत शुरुआत ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। एक ऐसा वर्ल्ड रिकॉर्ड बना जो आज तक पुरुष क्रिकेट में भी कोई टीम नहीं बना सकी।
137/0 से 168/9: इंग्लैंड की पारी में महाक्रैश
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी इंग्लैंड की टीम की शुरुआत धमाकेदार रही। सोफिया डंकले (75) और डैनी वायट-हॉज (66) की विस्फोटक बल्लेबाज़ी की बदौलत टीम ने 15.1 ओवर में बिना कोई विकेट गंवाए 137 रन बना लिए थे। यहां तक लग रहा था कि स्कोर 200 के पार चला जाएगा।
लेकिन 92वीं गेंद पर पहला विकेट गिरते ही मैच की पूरी तस्वीर बदल गई। अगले 25 गेंदों में इंग्लैंड के 9 विकेट गिर गए और स्कोर 19.2 ओवर तक 168 रन पर सिमट गया। आखिरी ओवर तक इंग्लैंड 9 विकेट खोकर सिर्फ 171 रन बना सकी।
ऐसा रिकॉर्ड ना पुरुष क्रिकेट में, ना किसी फॉर्मेट में
भारतीय महिला गेंदबाज़ों ने ऐसा रिकॉर्ड कायम किया जो आज तक पुरुषों के किसी भी अंतरराष्ट्रीय फॉर्मेट—T20, ODI या टेस्ट—में नहीं बना। सिर्फ 25 गेंदों में 9 विकेट चटकाना किसी भी टीम के लिए अद्वितीय उपलब्धि है।
अनुराधा रेड्डी और दीप्ति शर्मा ने 3-3 विकेट झटके।
7 इंग्लिश बल्लेबाज़ दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सकीं।
3 बल्लेबाज़ तो खाता भी नहीं खोल पाईं।
भारत की तूफानी शुरुआत, फिर मिडिल ऑर्डर का फ्लॉप शो
172 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने जोरदार शुरुआत की।
स्मृति मंधाना ने 56 और शेफाली वर्मा ने 47 रन की ताबड़तोड़ पारी खेली।
9 ओवर में स्कोर 85/0 तक पहुंच गया था।
लेकिन मिडिल ऑर्डर की असफलता के चलते टीम 20 ओवर में 5 विकेट पर सिर्फ 166 रन ही बना सकी और 5 रन से मैच गंवा बैठी।
भारत अब भी सीरीज में आगे, अगला मुकाबला निर्णायक
हालांकि इस हार के बावजूद भारत पांच मैचों की T20I सीरीज में अब भी 2-1 से आगे है।
चौथा मुकाबला 9 जुलाई को मैनचेस्टर में खेला जाएगा।
सीरीज जीतने के लिए भारत को केवल एक और जीत की दरकार है।
हार में भी जीत का जश्न
इस मैच ने साबित कर दिया कि हार के बावजूद भी टीम इंडिया ने इतिहास रच दिया। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की गेंदबाज़ी न सिर्फ प्रशंसा के काबिल रही बल्कि यह प्रदर्शन आने वाले मुकाबलों के लिए भी एक बड़ा संदेश है।



