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दिव्यांग महाविद्यालयों की दुर्दशा पर गरमाया सदन, विधायक अजय चंद्राकर के तीखे सवाल

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The House heated up over the plight of colleges for the disabled, MLA Ajay Chandrakar asked sharp questions

विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह बोले– अब पिछली सरकार को कोसना बंद करिए, काम पर ध्यान दें

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में बुधवार को दिव्यांगजनों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर गर्मा-गर्म बहस देखने को मिली। विधायक अजय चंद्राकर ने पूर्ववर्ती डॉ रमन सरकार के दौरान शुरू किए गए दिव्यांग महाविद्यालयों की बदहाली पर तीखे सवाल उठाते हुए वर्तमान सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जिन कॉलेजों को दिव्यांगजनों के लिए एक उम्मीद के रूप में शुरू किया गया था, वे आज अव्यवस्था और अनदेखी के शिकार हैं।

विधायक ने बताया कि राज्य में संचालित 31 दिव्यांग महाविद्यालयों में से 30 में प्राचार्य का पद रिक्त है, और अनुदान की राशि भी लगातार कम होती जा रही है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “यह तो दिव्यांगों के साथ मज़ाक है। कॉलेजों को या तो बंद कर दें या फिर सही ढंग से संचालित करें।” दिव्यांगजनों की शिक्षा के नाम पर बनी योजनाओं की वास्तविकता और क्रियान्वयन के बीच की खाई विधानसभा में उजागर हुई है। अब देखना यह होगा कि सरकार इन महाविद्यालयों की स्थिति सुधारने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की सफाई पर विधानसभा अध्यक्ष का हस्तक्षेप

जब शिक्षा मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने पिछली सरकार की कमियों का हवाला दिया, तो विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए उन्हें नसीहत दी “अब पिछली सरकार का रोना रोना बंद करें। डेढ़ साल से आप मंत्री हैं, जनता को बताइए आपने क्या किया?”

इसके बाद मंत्री ने सदन को जानकारी दी कि दिव्यांगजनों की पढ़ाई के लिए 112 शिक्षकों के पदों पर भर्ती की स्वीकृति मिल गई है और प्राचार्य की भर्ती भी जल्द की जाएगी।

अजय चंद्राकर ने उठाए विस्तृत सवाल

विधायक चंद्राकर ने पूछा कि रायपुर स्थित शासकीय दिव्यांग महाविद्यालय में:

सेटअप स्वीकृत है या नहीं?

कितने पद भरे गए और कितने रिक्त हैं?

किन विषयों में अध्यापन हो रहा है?

कितने दिव्यांग छात्र अध्ययनरत हैं?

छात्रों को कौन-कौन सी सुविधाएं दी जा रही हैं?

2022-23 से 2025-26 तक कितना बजट स्वीकृत और व्यय हुआ?

मंत्रालय की जानकारी: दो कोर्स संचालित, 130 छात्र, बजट विवरण संलग्न

सरकार की ओर से बताया गया कि रायपुर महाविद्यालय में दो विषयों में पढ़ाई हो रही है:
बी.पी.ए. (हिंदुस्तानी गायन और तबला)
बी.एफ.ए. (चित्रकला)
वर्तमान में 130 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं और उन्हें दी जाने वाली सुविधाओं एवं बजट व्यय की जानकारी प्रपत्र ‘ब’, ‘स’, ‘द’ और ‘इ’ में संलग्न है।

“तबला वादक और चित्रकार के लिए प्लेसमेंट कंपनी कहाँ है?”

विधायक चंद्राकर ने सरकार से कटाक्ष करते हुए पूछा कि क्या तबला वादक और चित्रकारों की प्लेसमेंट कराने वाली कोई कंपनी छत्तीसगढ़ में है? यदि है, तो उसका विवरण सदन में प्रस्तुत किया जाए।

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