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लोकसभा: कैसे कन्फर्म हुआ कि ये तीनों आतंकियों ने ही पहलगाम में 26 निर्दोष लोगो को मारा ? अमित शाह ने बताया राइफल कनेक्शन

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ऑपरेशन महादेव में मारे गए आतंकियों का पहलगाम हमले से कनेक्शन राइफल और खोखों की फॉरेंसिक जांच से कंफर्म हुआ है. गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में इसकी जानकारी दी:

लोकसभा में अमित शाह की जानकारी

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लोकसभा में ऑपरेशन महादेव को लेकर जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान के तहत की गई. शाह ने बताया कि मारे गए आतंकियों की पहचान सुलेमान उर्फ फैजल, अफगान और जिब्रान के रूप में हुई है. ये तीनों बैसारन घाटी में 26 निर्दोष लोगों की हत्या में शामिल थे.

मैं उस दृश्य को कभी नहीं भूल सकता: अमित शाह

लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “पहलगाम हमले के तुरंत बाद, मैंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की थी.  मैंने अपने सामने एक महिला को खड़ा देखा, जो अपनी शादी के 6 दिन बाद ही विधवा हो गई थी – मैं उस दृश्य को कभी नहीं भूल सकता. मैं आज सभी परिवारों को बताना चाहता हूं कि मोदी जी ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए उन लोगों को भेजने वालों को मारा, और आज हमारे सुरक्षा बलों ने उन लोगों को भी मारा जिन्होंने हत्याएं की थी.”

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “…ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवादियों को भेजने वालों को मार गिराया और ऑपरेशन महादेव ने हमला करने वालों को मार गिराया… मुझे लगा था कि यह खबर सुनकर सत्ताधारी और विपक्षी दलों में खुशी की लहर दौड़ जाएगी, ‘मगर स्याही पड़ गई इनके चेहरे पर’… यह कैसी राजनीति है?…”

 

कैसे हुई पहलगाम से जुड़े होने की पुष्टि

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि सोमवार को जो ऑपरेशन हुआ उसमें निर्दोष लोगों को मारने वाले आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया गया। शाह ने कहा कि हमने पहलगाम आतंकियों हमले में जो कारतूस चले थे उनका पहले से एफएसएल जांच करा कर रखी गई थी। जब यह आतंकी मारे गए तो इनकी तीन राइफल पकड़ी गईं। इनमें एक एम9 अमेरिकन राइफल और दो एके-47 राइफल थी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इससे पहले जो कारतूस मिले थे वो भी एम9 और एके 47 के थे। इन राइफलों को विशिष्ट विमान के जरिये 12 बजे रात को चंडीगढ़ पहुंचाया। पूरी रात इन राइफलों से फायरिंग कर इनके खाली खोखे जेनरेट किए गए। दो खोखे का मिलान किया गया। ऐसे में राइफलों की नाली और खोखे का भी मिलान हो गया। इससे यह तय हो गया कि इन्हीं रायफलों से बैसरान घाटी में फायरिंग कर निर्दोष लोगों को मारा गया था।

 

मिट्टी में मिल गए आतंकियों के आका

शाह ने कहा कि मैं सदन को बताते हुए बहुत खुश हूं कि जिन्होंने आतंकियों को भेजा था उनके आकाओं को जमीन में मिलाने का काम किया। उन्होंने कहा कि बैलिस्टिक रिपोर्ट मेरे पास है। देश के छह वैज्ञानिकों ने इसको क्रॉस चेक कियाहै। सुबह 4.46 मिनट पर 6 लोगों ने कहा कि 100 परसेंट वहीं गोलियां हैं जो वहां चलाई गई थीं।

शाह ने कहा कि ऑपरेशन महादेव में मारे गए आतंकी पाकिस्तानी थे। गृहमंत्री ने कहा कि मारे गए आतंकियों के पास से पाकिस्तानी वोटर कार्ड मिले हैं। आतंकियों के पास से पाकिस्तान में बनी टॉफियां मिली है। इससे पहले 22 मई को आईबी को आतंकियों के छुपे होने की खुफिया जानकारी मिली थी। 4 पैरा के जवान, सीआरपीएफ के जवान और जम्मू कश्मीर के जवानों ने आतंकियों को घेरने का काम किया।

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