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कान खोलकर सुन लें, मोदी-ट्रंप की नहीं हुई बात’: जयशंकर ने राज्यसभा में कांग्रेस को सिंधु जल संधि और ऑपरेशन सिंदूर पर घेरा

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नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को राज्यसभा में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “कुछ लोग इतिहास से घबराते हैं” और यह तंज सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को लेकर कसा, जिसे पहलगाम आतंकी हमले के बाद फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।

संसद के उच्च सदन में पहलगाम आतंकी हमले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चल रही चर्चा में हिस्सा लेते हुए, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने राज्यसभा को संबोधित किया। उन्होंने पहलगाम हमले के बाद के घटनाक्रम, सरकार द्वारा उठाए गए कदमों और देश की विदेश नीति पर विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने विपक्ष के आरोपों का भी करारा जवाब दिया।

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सिंधु जल संधि पर जयशंकर का निशाना: ‘खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे’

 

विदेश मंत्री ने बताया कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने कई कड़े कदम उठाए, जैसे राजनयिकों और पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजना। उन्होंने जिस सबसे अहम कदम का जिक्र किया, वह था सिंधु जल समझौते को स्थगित करना।

जयशंकर ने कहा, “सिंधु जल संधि कई मायनों में एक अनोखा समझौता है। मैंने दुनिया में ऐसे किसी भी समझौते के बारे में नहीं सुना, जहां किसी देश ने अपनी प्रमुख नदियों को उस नदी पर अधिकार के बिना दूसरे देश में बहने दिया हो।” उन्होंने जोर देकर कहा कि सिंधु जल संधि तब तक स्थगित रहेगी, जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को अपना समर्थन पूरी तरह से बंद नहीं कर देता। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे।”

जयशंकर ने पूर्व प्रधानमंत्रियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सिंधु जल समझौते के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री ने लोकसभा में दिए अपने भाषण में पाकिस्तान के हितों की बात की, उन्हें पाकिस्तान के पंजाब की फिक्र थी, लेकिन उन्होंने भारतीय राज्यों के हितों को अनदेखा किया। तत्कालीन पीएम ने उस वक्त लोकसभा में कहा था कि संसद को ये हक नहीं कि कितना पैसा दिया जाए और कितना पानी। उन्होंने कहा कि माना जाता है कि सिंधु जल समझौता अच्छी भावना और दोस्ती के तहत किया गया, लेकिन 1960 के बाद से पाकिस्तान ने लगातार भारत पर हमले और आतंकवाद को बढ़ावा दिया।

 

 

ट्रंप के दावों को नकारा: ‘मोदी-ट्रंप के बीच कोई फोन कॉल नहीं हुई’

 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों और विपक्ष के आरोपों पर जयशंकर ने जोरदार पलटवार किया। उन्होंने कहा, “मैं उनको कहना चाहता हूं, वो कान खोलकर सुन लें। 22 अप्रैल से 16 जून तक, राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच एक भी फोन कॉल नहीं हुआ।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अमेरिका के साथ बातचीत पर विदेश मंत्री ने बताया कि 9 मई को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने प्रधानमंत्री को फोन करके चेतावनी दी थी कि अगले कुछ घंटों में पाकिस्तान हमला करेगा। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कर दिया था कि अगर कुछ भी हुआ, तो उसका उचित जवाब दिया जाएगा। जयशंकर ने आगे कहा, “ऐसा ही हुआ और हमारी प्रतिक्रिया ने पाकिस्तानी वायु रक्षा प्रणालियों को निष्क्रिय कर दिया और उनके हवाई अड्डों को भी निष्क्रिय कर दिया।” उन्होंने बताया कि “हमें फोन आए कि पाकिस्तान लड़ाई रोकने के लिए तैयार है। हमसे बात करने वाले हर व्यक्ति को हमने यही जवाब दिया कि पाकिस्तानी पक्ष को एक अनुरोध करना होगा और वह अनुरोध डीजीएमओ (DGMO) के माध्यम से आना चाहिए।” जयशंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि “दुनिया में कहीं भी ऐसा कोई नेता नहीं था, जिसने भारत से अपने अभियान रोकने के लिए कहा हो। व्यापार से इसका कोई संबंध नहीं था।”

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