On Tulsi Jayanti, devotional platform in Bhatapara, worship and tree planting ritual by Saryu literature
बिजलेश्वर दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर मे एई वासुदेव साहू की विशेष उपस्थिति मे आयोजन

सौरभ बरवाड़/भाटापारा– रामचरितमानस के कालजयी रचनाकार गोस्वामी तुलसीदास जिन्होने भगवान राम की महिमा एवं जीवन लीला को सरल सुबोध एवं जनभाषा मे प्रस्तुत कर मानव समाज को ऐसी अमूल्य कृति प्रदान की है कि घर घर मे रामचरितमानस केवल आस्था एवं श्रद्धा की कृति नही वरन समाज मे आदर्श स्थापना के लिए अहम प्रेरक के रुप मे स्थापित हो चुकी है। तथा हनुमान के परम भक्त संत शिरोमणी की उपाधि से शुशोभित तुलसीदास जी जन जन मे एक अत्यंत गौरवपूर्ण नाम के परिचायक बन चुके है।
तुलसी जयंती पर आयोजन की कड़ी
भाटापारा मे तुलसी जयंती के उपलक्ष्य मे प्रतिवर्ष आयोजन की झलक दिखाई देती है इस वर्ष भी सरयू साहित्य परिषद एवं नगर के सुधिजनों द्वारा तुलसी जयंती के उपलक्ष्य मे बिजली आफिस प्रांगण मे स्थित श्री बिजलेश्वर दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर मे पूजन अर्चन का आयोजन किया गया,बिजली विभाग के एई वासुदेव साहू की विशेष उपस्थिति मे आयोजित अनुष्ठान मे हनुमान लला एवं तुलसी दास जी के पूजन अर्चन एवं भक्तिमय जयकारे के उपरांत प्रकृति को समर्पित अनुष्ठान पौधारोपण की कड़ी के तहत मंदिर प्रांगण मे बेल नीम,आम एवं मीठा नीम पौधे का रोपण किया गया,उसके उपरांत उदबोधन की कड़ी मे परिषद के अध्यक्ष गौरीशंकर शर्मा द्वारा तुलसीदास जी के जीवन वृत पर विस्तार से प्रकाश डाला गया वहीं एई वासुदेव साहू द्वारा रामचरितमानस की महिमा का बखान करते हुए समस्त जनों को तुलसी जयंती की बधाई दी गयी,इस अवसर पर पत्रकार मुकेश शर्मा,हरिहर शर्मा,मानिक प्रसाद मोनू दुबे,प्रभु साहू,योगेश देवांगन आदि प्रमुख रुप से उपस्थित थे।
3को रामायण ज्ञान परीक्षा का आयोजन
सरयू साहित्य परिषद द्वारा प्रतिवर्ष तुलसी जयंती के उपलक्ष्य मे रामायण ज्ञान परीक्षा प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है,इस वर्ष भी यह आयोजन 3अगस्त दिन रविवार को आयोजित होगी,दो वर्गो मे आयोजित होने वाले इस इस परीक्षा प्रतियोगिता की पूर्व संध्या मे परीक्षा केंद्र रेस्ट हाउस के सामने नगर पालिका कन्या शाला मे प्रेरक सभा का आयोजन होगा जिसके तहत परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारुप की जानकारी देने के साथ ही दो वर्गो क्रमशः अधिकतम आयु 20वर्ष एवं द्वितीय वर्ग अधिकतम आयु 40वर्ष के लिए पंजीयन प्रक्रिया भी संपन्न होगी। तथा तीन अगस्त को दोपहर तीन बजे एक घंटे की परीक्षा आयोजित होगी।
अखंड ब्राम्हण समाज का विशेष सहयोग
समस्त ब्राम्हण प्रकल्प की भागीदारी एवं सहयोग से आयोजित होने वाले इस महत्वपूर्ण आयोजन मे इस वर्ष एक अहम कड़ी जुड़ती हुई नजर आ रही है,इस वर्ष के आयोजन मे अखंड ब्राम्हण समाज सेवा समिति नारी प्रकोष्ठ विशेष सहयोग की भूमिका मे नजर आयेगी, सरयू साहित्य एवं मातृशक्तियों के विशेष योगदान से आयोजन संपन्न होगा,परिषद के अध्यक्ष गौरीशंकर शर्मा तथा अखंड ब्राम्हण समाज सेवा समिति नारी प्रकोष्ठ की अध्यक्ष कविता शर्मा सहित वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा परीक्षा आयोजन मे अधिक से अधिक भागीदारी की अपील की गयी है।



