Noida: Lakhs of rupees defrauded in the name of getting a seat in AIIMS by claiming to be ‘close to PM-HM’, FIR registered
नोएडा, उत्तर प्रदेश। नोएडा के थाना फेस-3 में धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। एक व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि कुछ ठगों का एक गिरोह खुद को भारत के प्रधानमंत्री (PM) और गृहमंत्री (HM) का करीबी बताकर लोगों के बच्चों को मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलवाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी कर रहा है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

AIIMS में MBBS सीट का झांसा, ₹10 लाख की ठगी
थाना फेस-तीन के प्रभारी निरीक्षक ध्रुव भूषण दुबे ने बताया कि प्रदीप कुमार उपाध्याय नामक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई है कि वे सेक्टर-66 मामूरा गांव में रहते हैं। उन्होंने सतीश चंद्र शर्मा, रितिक शर्मा और डॉ. राजकुमार शर्मा को धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में नामित करते हुए मुकदमा दर्ज करवाया है। प्रदीप उपाध्याय का आरोप है कि इन लोगों ने उनके बेटे का दिल्ली स्थित AIIMS (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) मेडिकल कॉलेज में MBBS की सीट दिलवाने के नाम पर उनसे ₹10 लाख की ठगी कर ली।
ऐसे फंसाया झांसे में
थाना प्रभारी ने पीड़ित के हवाले से बताया कि मुकेश शर्मा नामक एक व्यक्ति की मुलाकात प्रदीप उपाध्याय से हुई थी और वह उनके घर आने-जाने लगा। मुकेश ने प्रदीप से उनके बेटे के बारे में पूछा, और जब प्रदीप ने बताया कि उनका बेटा NEET (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) की तैयारी कर रहा है, तो आरोपी ने उन्हें झांसे में लिया।
आरोपी ने कहा कि उसका परिचित डॉ. राजकुमार शर्मा है, जिसकी सीधी बात गृहमंत्री अमित शाह से होती है। उसने यह भी दावा किया कि वह खुद कई बार राजकुमार शर्मा के साथ अमित शाह से मिल चुका है। आरोपी ने प्रदीप को आश्वासन दिया कि राजकुमार शर्मा उनके बेटे को NEET परीक्षा में पास करवा देंगे और AIIMS दिल्ली में MBBS की सीट भी दिलवा देंगे।
पीड़ित के अनुसार, वह उनकी बातों में आ गया। 16 मई 2024 को सतीश चंद्र शर्मा और उसका पुत्र रितिक शर्मा एक लाल बत्ती लगी गाड़ी में प्रदीप उपाध्याय को बैठाकर हरिद्वार ले गए। वहां उनकी मुलाकात डॉ. राजकुमार शर्मा से हुई। राजकुमार शर्मा ने खुद को गृहमंत्री अमित शाह का करीबी बताते हुए कहा कि वह अमित शाह से कोई भी काम करवा सकते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते हैं। उसने कहा कि उनका काम ₹20 लाख में हो जाएगा।
पीड़ित प्रदीप उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि सतीश चंद्र शर्मा, डॉ. राजकुमार शर्मा और रितिक शर्मा एक संगठित गिरोह बनाकर खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का करीबी बताकर लोगों से ठगी कर रहे हैं। पुलिस अब इस मामले की गहनता से जांच कर रही है।



