Mason training in Kondagaon district will give new impetus to housing construction
आरसेटी नारायणपुर, जगदलपुर एवं कांकेर द्वारा कोंडागांव जिले के 84 प्रशिक्षार्थियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण

रायपुर / कोण्डागांव जिले के ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार एवं तकनीकी दक्षता से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आरसेटी (रूरल सेल्फ एम्प्लॉयमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट) नारायणपुर, जगदलपुर और कांकेर के सहयोग से जिला कोंडागांव के 84 युवाओं को 30 दिवसीय ‘राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम’ संचालित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में जिले के चयनित प्रतिभागियों को भवन निर्माण की बारीकियों, गुणवत्ता नियंत्रण, सुरक्षा मानकों एवं आवासीय योजना संबंधी कार्यों की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य न केवल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है, बल्कि जिले में चल रही आवास योजनाओं को कुशल श्रमिकों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण रूप से पूर्ण कराना भी है।
भविष्य में मिलेगा बड़ा लाभ
वर्तमान में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत जिले में बड़ी संख्या में आवास निर्माणाधीन हैं। तकनीकी रूप से प्रशिक्षित मिस्त्रियों की उपलब्धता से न केवल निर्माण कार्य की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि समयबद्ध क्रियान्वयन भी सुनिश्चित किया जा सकेगा। इससे भविष्य में कोण्डागांव जिले में आवासीय योजनाओं की प्रगति और सुदृढ़ होगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले हजारों परिवारों को शीघ्रतापूर्वक पक्के आवास उपलब्ध हो सकेंगे। जिला प्रशासन द्वारा यह प्रयास न केवल रोजगारपरक है, बल्कि यह ग्रामीण बुनियादी संरचना को मजबूत करने की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित होगा।
प्रशिक्षण उपरांत मिलेगा प्रमाण पत्र एवं रोजगार का अवसर
प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले युवाओं को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें विभिन्न सरकारी निर्माण कार्यों में प्राथमिकता के साथ कार्य करने का अवसर मिल सकेगा। साथ ही इच्छुक युवा निजी स्तर पर भी कार्य प्रारंभ कर स्वावलंबन की ओर बढ़ सकेंगे।
जिला प्रशासन एवं आरसेटी का अभिनव प्रयास
जिला प्रशासन, जिला पंचायत कोंडागांव तथा आरसेईटीआई संस्थानों का यह संयुक्त प्रयास ग्रामीण विकास की दिशा में एक सशक्त पहल है, जिसकी लंबी अवधि में व्यापक सामाजिक और आर्थिक प्रभाव देखने को मिलेंगे।



