Home Blog “यादव समाज को मिले न्याय की रौशनी” – रावत उपनामधारी समाज के...

“यादव समाज को मिले न्याय की रौशनी” – रावत उपनामधारी समाज के हित में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम सौंपा गया ज्ञापन रिपोर्टर रोहन यादव

0

“Yadav community should get the light of justice” – Memorandum submitted to the Governor of Chhattisgarh in the interest of Rawat surnamed community Reporter Rohan Yadav

“जहां अन्याय होता है, वहां मौन नहीं – प्रतिकार ही परिवर्तन की पहली सीढ़ी है।”

Ro.No - 13672/140

लैलूंगा/ छत्तीसगढ़ के यादव समाज की सामाजिक न्याय की पुकार अब बुलंद हो चुकी है। तहसील लैलूंगा, जिला रायगढ़ अंतर्गत छत्तीसगढ़ यादव समाज के प्रतिनिधियों ने आज दिनांक को राज्यपाल के नाम एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लैलूंगा के माध्यम से प्रेषित किया गया, जिसमें “रावत उपनामधारी यादव समाज” के उन वर्गों को केन्द्र सरकार की ओबीसी सूची में शामिल करने की मांग की गई है जो अभी तक इस महत्वपूर्ण सामाजिक अधिकार से वंचित हैं।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि छत्तीसगढ़ में निवासरत रावत उपनामधारी यादव समाज के अनेक उपवर्ग अब भी केन्द्र की ओबीसी (पिछड़ा वर्ग) सूची में शामिल नहीं हैं, जिसके कारण उन्हें शैक्षणिक, आर्थिक व सामाजिक विकास की योजनाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। यह स्थिति एक प्रकार से सामाजिक असमानता को दर्शाती है।

यादव समाज के पदाधिकारियों ने स्पष्ट रूप से यह मांग रखी कि राज्यपाल केन्द्र सरकार को इस विषय में आवश्यक संस्तुति एवं मार्गदर्शन प्रदान करें, ताकि छत्तीसगढ़ के यादव समाज को भी केन्द्र सरकार की आरक्षण नीतियों का लाभ मिल सके।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि यह अनुसंसा सामाजिक समरसता, समान अवसर और समावेशी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय साबित होगी।

छत्तीसगढ़ यादव समाज लैलूंगा इकाई ने इसे “आत्मसम्मान और अधिकार की लड़ाई” बताते हुए कहा कि यह मांग किसी विशेष लाभ की नहीं, बल्कि न्याय की है, जो संविधान की मूल भावना के अनुरूप है।

ज्ञापन समर्पण के अवसर पर समाज के प्रमुख पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे और सबने एक स्वर में मांग को दोहराया –
“हमारी पहचान, हमारा हक – ओबीसी में हो समाज का सब वर्ग!”

अंत में समाज की ओर से अपील की गई कि “राज्यपाल इस विषय पर संवेदनशीलता दिखाते हुए, अपनी गरिमामयी भूमिका का निर्वहन करें और केंद्र सरकार तक हमारी आवाज पहुंचाएं।”

यह ज्ञापन केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि यादव समाज की दशकों की उपेक्षा का प्रतिकार और उनके हक की उम्मीद है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here