“Raigad rejoiced in Teej Milan Utsav – Women celebrated the festival with song, dance and gaiety”
“तीज मिलन में दिखी परंपरा और आधुनिकता की झलक, महिलाओं में छलका अपनापन”

“पूर्वांचल समाज महिला इकाई रायगढ़ का तीज मिलन उत्सव रहा यादगार”
रायगढ़। शहर में सोमवार को पूर्वांचल भोजपुरी समाज महिला इकाई रायगढ़ द्वारा सई श्रद्धा होटल में तीज मिलन उत्सव का आयोजन बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ किया गया। कार्यक्रम में महिला इकाई अध्यक्ष अंजू यादव, उपाध्यक्ष अर्चना मिश्रा, सचिव कंचन पांडेय, कोषाध्यक्ष मीरा सिंह एवं सह कोषाध्यक्ष विनीता सिंह सहित समाज की अनेक महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।
पूजन-अर्चन के साथ हुई शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। महिलाएँ परंपरागत वेशभूषा में सजधज कर एक-दूसरे से मिलते हुए उत्सव का आनंद लेती दिखीं।
नाच-गान और उल्लास का माहौल
कार्यक्रम में महिलाओं ने अपनी सखी-सहेलियों के साथ गीत-संगीत, नृत्य और पारंपरिक झूले का आनंद लिया। पूरे वातावरण में सामाजिक अपनत्व, प्रेम और भाईचारे की झलक स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
तीज का धार्मिक और सामाजिक महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, तीज पर्व माता पार्वती और भगवान शिव के पुनर्मिलन की स्मृति में मनाया जाता है। इसी दिन माता पार्वती की तपस्या पूर्ण हुई थी। विवाहित महिलाएँ इस अवसर पर अपने पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। सावन-भादो की हरियाली में यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि प्रकृति की सुंदरता और सामाजिक मेल-जोल का भी प्रतीक बन जाता है।
सजधज और श्रृंगार का पर्व
इस दिन महिलाओं ने अपने हाथों में मेहंदी रचाई, रंग-बिरंगे वस्त्र और सुंदर आभूषण पहनकर श्रृंगार किया। नाचते-गाते, झूले झूलते और गीत गाते हुए उन्होंने तीज की खुशियाँ आपस में बाँटीं।
यादगार बना आयोजन
पूर्वांचल भोजपुरी समाज महिला इकाई रायगढ़ द्वारा आयोजित यह तीज मिलन उत्सव न केवल धार्मिक महत्व का रहा बल्कि महिलाओं के लिए आपसी मेल-जोल, एकजुटता और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का अवसर भी साबित हुआ। यह कार्यक्रम सभी के लिए यादगार और अविस्मरणीय क्षण छोड़ गया।



