देश की सुरक्षा, स्वदेशी अपनाने और सामाजिक जागरूकता का लिया संकल्प
रायगढ़।
पूर्वांचल भोजपुरी समाज रायगढ़ ने 79वें स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) का आयोजन बड़े उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया। यह कार्यक्रम दुर्गा चौक स्थित डॉ. प्रशांत पांडेय के निवास पर संपन्न हुआ, जहां समाज के सैकड़ों लोग एकत्रित होकर राष्ट्रीय पर्व की गरिमा को बढ़ा रहे थे।

आपसी परिचय और एकता का संदेश
कार्यक्रम की शुरुआत समाज के लोगों ने एक-दूसरे से परिचय कर आपसी एकता और भाईचारे का संदेश देकर की। सभी ने एक स्वर में कहा कि समाज की मजबूती तभी है जब हम एक-दूसरे को समझें और जुड़ाव बनाए रखें।
देश की सुरक्षा और स्वदेशी का संकल्प
इस अवसर पर उपस्थित जनों ने देश की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए स्वदेशी अपनाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि जब तक हम अपने उत्पादों और अपनी संस्कृति को प्राथमिकता नहीं देंगे, तब तक आत्मनिर्भर भारत का सपना अधूरा रहेगा।
सोशल मीडिया पर जागरूकता की अपील
कार्यक्रम में खासतौर पर सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक तथ्यों पर चिंता जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि आज के डिजिटल युग में लोगों को सच और झूठ में फर्क समझना जरूरी है। समाज के जिम्मेदार नागरिकों को चाहिए कि वे अफवाहों से बचें और दूसरों को भी जागरूक करें।
संरक्षकों व पदाधिकारियों की शुभकामनाएँ
पूर्वांचल भोजपुरी समाज रायगढ़ के संरक्षक डॉ. प्रशांत पांडेय ने स्वतंत्रता दिवस पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि आज का दिन हमें त्याग, बलिदान और देशभक्ति की प्रेरणा देता है। संरक्षक प्रेम नारायण मौर्य, घनश्याम सिंह, शिव लोचन यादव सहित अन्य ने भी समाज को संगठित और सक्रिय रहने का आह्वान किया।
समाज की गरिमामयी उपस्थिति
इस मौके पर समाज के अनेक पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। जिनमें प्रमुख रूप से संरक्षकगण डॉ प्रशांत पांडेय, प्रेम नारायण मौर्य, घनश्याम सिंह, शिव लोचन यादव, अध्यक्ष उमेश उपाध्याय, उपाध्यक्ष ऋषिकांत पांडेय, महामंत्री मनोज यादव, नवीन चंद्र झा, संजय मिश्रा, रमेश शर्मा, विवेक दुबे, शिव पाल पांडेय, नागेंद्र दुबे, दीपक उपाध्याय, श्रवण सिंह, प्रेम चंद्र मिश्रा, शैलेन्द्र दुबे, सुरेश शुक्ला, सुमन झा, राजय महाले, गिरी, शिव सागर तिवारी, राकेश जायसवाल, विनय पांडेय (भूपदेवपुर), प्रदीप मिश्रा, दिलीप सिंह, डोल नारायण देवांगन, भारत भूषण डनसेना, मास्टर शिवांश सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए।



