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कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौज की पहल से अंग्रेजों के जमाने का घोघरा नाला पुल बदला, उजाले और सुंदरता से निखरा जेलपारा क्षेत्र

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With the initiative of Collector Dr. Sanjay Kannauj, the British era Ghoghra Nala bridge was replaced, Jailpara area was brightened with light and beauty

दिलीप टंडन/रीडर्स फर्स्ट न्यूज़ सारंगढ़ जिला बनने के बाद कई वर्षों तक उपेक्षित रहा जेलपारा का ऐतिहासिक **घोघरा नाला पुल* आखिरकार अपनी जर्जर और बदहाल छवि से बाहर निकल सका है। अंग्रेज़ों के जमाने में बना यह पुल लंबे समय से टूटा-फूटा पड़ा था। पुल की सतह पर गड्ढे हो गए थे, दोनों ओर झाड़-झंखाड़ उग आए थे और नाले में कचरे का ढेर जमा होने से पानी का बहाव भी रुक गया था। अंधेरा और बदहाली इतनी थी कि लोग मजबूरी में तो पुल का इस्तेमाल करते, लेकिन मन ही मन डरते भी थे।

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जिला बनने के बाद कई कलेक्टर आए और गए, लेकिन किसी की नज़र इस पुल पर नहीं पड़ी। वहीं, जेलपारा और आसपास के मोहल्लों के लोगों ने बार-बार इसकी मरम्मत की मांग की, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रही।

*तेज़-तर्रार कलेक्टर की नजर पड़ी तो बदल गया नज़ारा*

वर्तमान में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की कमान संभालने वाले तेज़-तर्रार कलेक्टर *डॉ. संजय कन्नौज* ने इस पुल की स्थिति पर गंभीरता दिखाई। उनकी पहल पर पुल का *जीर्णोद्धार* कराया गया। पुल की मरम्मत के साथ-साथ नाले की पूरी *सफाई कराई गई*, आसपास की झाड़ियों की कटाई हुई और जगह-जगह जमा कचरे को हटाया गया।

इतना ही नहीं, पुल के दोनों ओर *आधुनिक स्ट्रीट लाइटें* लगवाई गईं। अब पहले जो इलाका अंधेरे और भय का प्रतीक था, वही जगह रात में रोशनी से जगमगा रही है।

*स्थानीयों की प्रतिक्रिया*

जेलपारा निवासी एवं बुजुर्गों ने कहा – “मैंने इस पुल को कई दशकों से देखा है। अंग्रेजों के जमाने की यह निशानी अब फिर से नई जान पा गई है। पहले यहां अंधेरा और गंदगी रहती थी, अब नजारा पूरी तरह बदल गया है।”

वहीं, कॉलेज की छात्र छात्राओं ने कहा – “स्ट्रीट लाइट लगने से अब हम निडर होकर शाम को भी आवाजाही कर पाते हैं। पुल पर सफाई और मरम्मत से यह जगह पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित लगती है।”

*इलाका बना आकर्षण का केंद्र*

कलेक्टर डॉ. कन्नौज की पहल से घोघरा नाला पुल अब न सिर्फ सुरक्षित हो गया है, बल्कि यह क्षेत्र *सौंदर्य और साफ-सफाई का उदाहरण* भी बन गया है। जहां पहले बदबू, गंदगी और अंधेरा हुआ करता था, वहीं अब रोशनी, स्वच्छता और व्यवस्था नजर आती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन की यह पहल लंबे समय से उपेक्षित रहे पुल और मोहल्ले को नई पहचान दिलाने वाली है। जेलपारा का यह इलाका अब लोगों के लिए *गर्व और आकर्षण का केंद्र* बन चुका है।

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