Cultural evening of the fourth day was decorated with wonderful presentation of Odissi dance
डॉ. दीप्ति राउतरे एवं टीम ने “नमामि राम राघवम” और “मोक्ष” पर किया मंत्रमुग्ध कर देने वाला नृत्याभिनय

रायगढ़, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह 2025 के चौथे दिन की सांस्कृतिक संध्या ओड़िशी नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियों से सराबोर हो उठी। कटक (पूरी घाट) से आईं प्रख्यात नृत्यांगना डॉ. दीप्ति राउतरे और उनकी टीम ने मंच पर ऐसी मोहक नृत्य छटा बिखेरी कि पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। डॉ. राउतरे और उनकी टीम ने “नमामि राम राघवम” तथा “मोक्ष” पर नृत्याभिनय प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने भाव, राग और लय का ऐसा अद्वितीय संगम रचा कि भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र और उनके आदर्श मानो सजीव हो उठे। गीत के भावार्थ— “मैं उन राम को नमन करता हूँ, जो रघुवंशी, श्यामवर्ण, प्रजाप्रिय और सीता के पति हैं”—को कलाकारों ने इतनी सुंदर अभिव्यक्ति दी कि दर्शक भावविभोर हो उठे।
नृत्य की बारीक मुद्राएँ, सूक्ष्म भाव-भंगिमाएँ और मंचीय तालमेल ने कला और भक्ति का ऐसा अनूठा समागम रचा, जिसे देखकर हर किसी के हृदय में भक्ति उमड़ पड़ी। इस अनुपम प्रस्तुति में डॉ. दीप्ति राउतरे के साथ शीतल स्वैन, आकांक्षा राउतरे, बिद्यांशी भट्टा, स्मिता मोहना, रीना बाला लेंका, पल्लवी प्रासफुटिटा, राकेश दास और अंकित साहा शामिल रहे। सामूहिक नृत्य में उनके लयबद्ध तालमेल और सौंदर्यपूर्ण गतियों ने कार्यक्रम को अविस्मरणीय बना दिया। ओड़िशी नृत्य की इस विशिष्ट प्रस्तुति ने न केवल दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, बल्कि चक्रधर समारोह की गरिमा और भी बढ़ा दी।



