Be it Hindi or English, there has been a spurt in the study of all subjects, Langi High School got lecturers through rationalization
रायपुर / राज्य शासन द्वारा शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया ने दूरस्थ अंचलों के विद्यालयों की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में कोरबा जिले के अति दूरस्थ ग्राम लैंगी के हाई स्कूल को वर्षों बाद हिन्दी और अंग्रेजी विषय के व्याख्याता प्राप्त हुए हैं। इससे विद्यार्थियों में नया उत्साह है तथा अब उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है।

वर्ष 2011 में स्थापित लैंगी हाई स्कूल केवल एक गाँव ही नहीं बल्कि आसपास के अनेक ग्रामों के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का केंद्र रहा है। अमझर, पोड़ी कला, दुल्लापुर, तराई नार, पिपरिया, इमली बरहा, कोड़गार सहित कई गाँवों से बच्चे यहां पढ़ाई करने आते हैं। वर्तमान में विद्यालय में कक्षा 9वीं और 10वीं के कुल 46 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विद्यालय के प्राचार्य श्री श्यामलाल अश्विनी बताते हैं कि स्थापना से अब तक हिन्दी और अंग्रेजी विषय के व्याख्याता उपलब्ध नहीं थे, जिसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती थी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा की गई युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया से इस कमी की पूर्ति हो गई है। विद्यालय को हिन्दी विषय के व्याख्याता श्री दिनेश कुमार यादव एवं अंग्रेजी विषय के व्याख्याता श्री विनोद कुमार साहू उपलब्ध कराए गए हैं। दोनों ही शिक्षक नियमित रूप से कक्षाएं लेकर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।
विद्यालय के विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों में इस बदलाव को लेकर खुशी है। कक्षा 10वीं की छात्राओं समीना, कल्याणी और सोनी मार्काे का कहना है कि पहले हिन्दी और अंग्रेजी के शिक्षक न होने से पढ़ाई में कठिनाई आती थी, परंतु अब नियमित कक्षाएं हो रही हैं। कक्षा 9वीं के विद्यार्थी दीपक का कहना है कि अब गणित, विज्ञान सहित सभी विषयों के शिक्षक उपलब्ध हैं, जिससे पढ़ाई में गति आई है। शिक्षकों की उपलब्धता से न केवल अध्यापन व्यवस्था सुचारु हुई है, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं में भी आत्मविश्वास और पढ़ाई के प्रति लगाव बढ़ा है। ग्रामीणों का मानना है कि यह पहल उनके बच्चों को बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर करेगी।



