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छत्तीसगढ़ की एतिहासिक भाटापारा की रामलीला का स्वर्णिम इतिहास, नवरात्र में 106वें वर्ष का मंचन 22 सितंबर से प्रारंभ

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The golden history of the historic Bhatapara Ramlila of Chhattisgarh, the 106th year of staging during Navratri begins on September 22.

■ वीर अभिमन्यु नाटक के साथ होगा रामलीला प्रारंभ

Ro.No - 13672/140

■ नवरात्र के छठें दिवस पर राजा हरिश्चंद्र नाटक की होगी प्रस्तुति

■ 22 सितंबर से 3 अक्टुबर तक 12 दिनों का होगा एतिहासिक मंचन

सौरभ बरवाड़/भाटापारा:- छत्तीसगढ़ की सबसे प्राचीन एवं एतिहासिक रामलीला का मंचन बलौदाबाजार-भाटापारा जिला के भाटापारा नगर में आयोजित की जाती है, जिसका मंचन प्रतिवर्ष नवरात्र पक्ष में किया जाता है जो इस वर्ष भी आदर्श रामलीला नाटक मंडली भाटापारा द्वारा आगामी नवरात्र के प्रथम दिवस 22 सितंबर 2025 से किया जाएगा। आदर्श रामलीला नाटक मंडली भाटापारा के सदस्यो ने बताया कि यहां रामलीला समिति का गठन ब्रिटिश काल में सन 1920 मे स्थापित किया गया था, तब से रामलीला का मंचन हो रहा है। 106वें वर्ष को मंचन 22 सितंबर 2025 से आरंभ होकर 3 अक्टुबर 2025 तक, 12 दिनो तक मंचन होगा । दशहरा उत्सव एवं रावण वध की लीला के साथ पुरे रामचरित मानस के आधार पर संपुर्ण रामायण का संक्षिप्त मंचन रावणभाटा मैदान भाटापारा में 2 अक्टुबर को दशहरा पर्व पर आयोजित होगा। रामलीला में नारदमोह, मुनिआगमन, धनुषयज्ञ, वनवास, सीताहरण, जटायुमरण, शबरी प्रसंग, रामसुग्रीव मित्रता, बालीवध, लंकादहन, विभिशण-शरणागति, अंगदरावण संवाद, लक्ष्मणशक्ति, मेघनाथ वध, कुंभकर्ण वध, अहिरावण वध, राजतिलक जैसी लीलाओ का मंचन कर भगवान श्रीराम के चरित्र को दिखाया जाता है और धर्मसंस्कृति का प्रचार किया जाता है।

भाटापारा की रामलीला का है अनोखा साहित्य
आदर्श रामलीला नाटक मंडली भाटापारा द्वारा मंचित रामलीला का साहित्य अनोखे तरिके से तैयार किया गया है जिसमे गोस्वामी तुलसीदास कृत श्रीरामचरितमानस मुख्य आधार है, इसके अलावा यहां बोले जाने वाले संवादो में राधेश्याम रामायण, आर्य संगीत रामायण, रामचरित्र दर्पण रामायण, वसुनायक रामायण, ज्वालाप्रसाद कृत श्रीरामायण, नाट्य रामायण, हिन्दी रामायण, नथाराम गोंड संगीत रामायण, राधेश्याम पंडित कृत नाट्य जैसे अनेको साहित्य के मंथन और विषेशज्ञ व जानकारो द्वारा अनुवादीत हिन्दी के मिश्रण से रामलीला मंचन के लिए साहित्य तैयार किया गया है जिसके माध्यम से मनोरम एवं मनमोहक रूप से रामलीला का संचालन किया जाता हैं।

नन्हे बच्चो की कलाकारी है विषेशता वही मातृभाषा से जुड़ते है बच्चे
भाटापारा की रामलीला में 7 से 10 साल के बच्चे करते है अभिनय और बोलते हे फरार्टेदार रामलीला के संवाद। इस रामलीला मे 10 वर्ष का बच्चा कर रहा है लक्ष्मण का पात्र अभिनय। वही दुसरी से लेकर 12वीं तक के बच्चे अधिकतर रामायण के किरदार को निभाते है जिसमें राम, लक्ष्मण, सीता, रावण, हनुमान, कुम्भकर्ण, जैसे अनेक किरदारो को जीवंत करते हुए शानदार रामायणो के संवादो को बोलते हुए मंचन करते है। जिसके कारण इसे बच्चो की रामलीला भी कहते है साथ ही बच्चे इस रामलीला में साहित्यिक हिन्दी, संस्कृत , अवधि भाषा जैसे अनेक साहित्यो को सीखते है। जो वर्तमान में अंग्रेजी की आवश्यकता बच्चो को अपने मातृभाषा से दुर कर रही है वही ये रामलीला बच्चो को अपने धर्म संस्कृति से जोड़ते हुए मातृभाषा का भी ज्ञान दे रही है।

नवरात्र के नवमी पर होती है भव्य देवीलीला
नवरात्र मे प्रथम दिवस से आयोजित इस रामलीला में नवमी दिवस पर अहिरावण वध की लीला पर भव्य देवीलीला का आयोजन होता है जो भयानक डरावनी एवं पाताललोक का प्रदर्शन होता है जिसे देखने उस दिन रामलीला मैदान पर हजारो में लोगो की भीड़ होती है। मां निकुम्बला देवी की शानदार झांकी प्रदर्षित की जाती है। जिसमे अहिरावण के द्वारा रामलक्ष्मण का हरण कर देवी के समक्ष बली चढाने ले जाया जाता है और हनुमानजी द्वारा अहिरावण का वध किया जाता है। पुरे छत्तीसगढ़ नही अपितु पुरे प्रदेश मे इस तरह की भव्य प्रदर्शन भाटापारा की रामलीला में ही देखने को मिलता है।

रामलीला मंचन में पारम्परिकता के साथ आधुनिकता के साथ प्रदर्शन
जहां रामलीला हारमोनियम, डोलक, मजीरे के साथ संचालित होती थी वही आधुनिक मोबाइल, टीवी, एवं सोशल मिडिया के जमाने के चलते रामलीला के दर्शक के मनमोहने एवं देखने की उत्सुकता बढ़ाने के लिए हारमोनियम के साथ, नाल-तबला, पेड जैसे आधुनिक वाद्य यंत्र, पारंपरिक कपड़े के पर्दो के स्थान पर सीन-सिनरी को बैकग्राउंड मे दिखाने के लिए एलईडी लगाई जाती है। आधुनिक साऊंड एवं कॉलर माईक का उपयोग किया जाता है। लाइट, वाटरप्रुफ पंडाल एवं दर्शको के बैठने के लिए कुर्सीयो की व्यवस्था की जाती है साथ ही युटयुब के माध्यम से लाइ्रव प्रसारण कर लोगो के मोबाइलो एवं स्मार्ट टीवी के माध्यम से घर-घर तक रामलीला दिखाने का प्रयास किया जाता है।

वर्तमान ये कलाकार व प्रबंधन कर रही ये आदर्श रामलीला संचालित
कलाकार आदित्य जोशी, वासु शर्मा, वैभव तिवारी, लव शर्मा, धरमपाल सोनी, श्याम मल, अभि अग्रवाल, लक्ष्य चौरसिया, आदित्य सोनी, हर्ष गुप्ता, काव्यांश शर्मा, मंगल मिश्रा, शौर्य मिश्रा, अग्रांश शर्मा, नमन मल, मुकुल शर्मा, जयमल, गब्बर शर्मा, शुभ केशरवानी, अकर्ष केशरवानी, कार्तिक शर्मा, वीर शर्मा, रौशन शर्मा, कृपांश शर्मा, आरव सोनी, कार्तिकेय पांडे, वेदांश दधिच, मुकेश बांधे, केशव ओझा, मानस केशरवानी, गौरव साहू, गुलशन जायसवाल, तुलसी जायसवाल, अंशुल सिखववाल, विकास ठाकुर, निलेश मल, मनोज पिंटी गुप्ता, कोमल शर्मा, जगदीश वैष्णव, आयुष तिवारी शामिल है। व्यास प्रमुख रामलीला अध्यक्ष प्रकाश शर्मा, धन्जी भाई जोशी, देवनारायण लाला शर्मा, रामजी जोशी एवं मुख्य प्रबंधन सुर्यकांत बाबु शुक्ला, बजरंग लाल चौरसिया, संदीप मोनू मल, हेमंत मल, राहूल तिवारी, सिद्धांत जाधव, राहूल जोशी, विनय ठाकुर, अमित मिश्रा, साजसज्जा कार्य मे शिवनारायण गुप्ता, आदित्य गुप्ता एवं अन्य सदस्यो द्वारा रामलीला संचालित किया जाता है।

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