Sangh’s centenary year march in Raigarh city, message of patriotism echoed in 24 settlements.
‘पंच परिवर्तन’ के संकल्प से समाज उत्थान का आह्वान

रायगढ़।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) रायगढ़ नगर ने अपने शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार शाम 4 बजे ऐतिहासिक आयोजन करते हुए नगर की 24 बस्तियों में एक साथ भव्य पथ संचलन निकाला। यह अद्भुत दृश्य नगरवासियों को संगठन, समरसता और अनुशासन का संदेश दे गया।
शाखाओं से निकला अनुशासनबद्ध पथ संचलन
शहर की सभी शाखाओं से स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में राष्ट्रभक्ति के गीत गाते हुए अपने-अपने बस्ती क्षेत्रों से निकले। शस्त्र पूजन के साथ प्रारंभ हुए इस पथ संचलन ने नगर के प्रमुख मार्गों और गलियों में अद्भुत वातावरण का सृजन किया। संचलन के उपरांत सभी स्वयंसेवक पुनः अपनी शाखाओं में लौटे। हजारों की संख्या में स्वयंसेवकों की भागीदारी ने नगर को भगवा रंग में रंग दिया।
‘पंच परिवर्तन’ पर विशेष जोर
आयोजन के दौरान हुए उद्बोधनों में वक्ताओं ने संघ के शताब्दी वर्ष का केंद्रबिंदु ‘पंच परिवर्तन’ बताया और समाज को उसके मूल वैभव की ओर ले जाने का संकल्प दोहराया। इन पाँच प्रमुख परिवर्तनों पर बल दिया गया:
कुटुंब प्रबोधन: परिवार संस्था को मजबूत कर सामाजिक एकता को सुदृढ़ करना।
पर्यावरण संरक्षण: प्रकृति रक्षा हेतु जागरूकता और व्यावहारिक आचरण को बढ़ावा।
सामाजिक समरसता: समाज के हर वर्ग में समानता और सद्भाव का निर्माण।
नागरिक कर्तव्य: राष्ट्रहित में व्यक्तिगत दायित्वों की जागृति।
स्व का बोध: भारतीय संस्कृति और परंपरा के गौरव से आत्मगौरव का संवर्धन।
एक वर्ष के अथक परिश्रम का परिणाम
संघ रायगढ़ नगर के कार्यकर्ताओं के एक वर्ष से जारी अथक परिश्रम का यह सफल आयोजन उनके संगठन कौशल और सामाजिक समर्पण का प्रमाण बना। हर बस्ती में स्वयंसेवकों की सजगता और अनुशासन ने नगरवासियों को संघ के शताब्दी वर्ष के प्रेरक संदेश से जोड़ने का कार्य किया।
नगर में गूंजा राष्ट्रभक्ति का स्वर
पथ संचलन के दौरान बच्चों से लेकर युवाओं और बुजुर्गों तक सभी ने स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया। राष्ट्रभक्ति के गीतों और संघ घोष से गूंजते रायगढ़ नगर ने शताब्दी वर्ष के इस आयोजन को यादगार बना दिया।




