Tableau of places of faith offered to Mata Rani, release of cultural heritage on Maha Ashtami
सरयू साहित्य द्वारा गौरीशंकर कृत पुस्तक का विमोचन एवं साहित्यिक आशीर्वाद समारोह

सौरभ बरवाड़/भाटापारा- पर्व त्यौहार महज उमंग एवं उल्लास का संकेत नही वरन जीवन मूल्यों की स्थापना आदर्शों की प्रेरणा एवं आस्था के आधार हैं सरयू साहित्य द्वारा विभिन्न रचनात्मक कार्यों के अलावा पर्व त्यौहारों मे समाहित संदेशों को भी अभिव्यक्त करने का प्रयास किया जाता है,इसी कड़ी मे शक्ति आराधना के महापर्व नवरात्र के अवसर पर महाअष्टमी के पावन दिवस मे माँ सरस्वती का आव्हान करते हुए स्थानीय गौराबाई बाल मंदिर मे महत्वपूर्ण आयोजन किया गया।
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सांस्कृतिक धरोहर पुस्तक का विमोचन
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छत्तीसगढ की हरिहर संस्कृति जहां नदियों से घिरी एवं पल्लवित संस्कृति है और कृषि की प्रधानता है वहीं धर्म एवं अध्यात्म की प्राण वायु इसे पोषित करती है जगह जगह आस्था के विद्यमान बिम्ब इसके परिचायक है,परिषद के अध्यक्ष गौरीशंकर शर्मा द्वारा आस्था के इन्ही स्थलों का भ्रमण करते हुए अपनी अनुभूति को पुस्तक का स्वरुप प्रदान करते हुए सांस्कृतिक धरोहर की रचना की गयी है जिसमे छत्तीसगढ के लगभग सभी आस्था के स्थलों की महत्ता एवं इतिहास विद्यमान है, परिषद द्वारा माँ सरस्वती का आव्हान करते हुए आस्था के स्थलों की यह झांकी मातारानी को अर्पित की गयी एवं साहित्य के सशक्त हस्ताक्षर बल्देव भारती,पेशनधारी कल्याण संघ के अध्यक्ष आर पी पटेल,पूर्व प्राचार्य शिवलाल यादव,कवियत्री निवेदिता वर्मा के प्रमुख आतिथ्य मे सांस्कृतिक धरोहर पुस्तक का विमोचन समारोह संपन्न हुआ।
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रामायण ज्ञान परीक्षार्थियों को साहित्यिक आशीर्वाद
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पत्रकार मुकेश शर्मा के संचालन मे आयोजित गरिमामय आयोजन की महत्वपूर्ण कड़ी पुस्तक विमोचन के उपरांत रामायण ज्ञान परीक्षा मे उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले परीक्षार्थियों जिनमें बरखा दुबे,मुस्कान शर्मा एवं करज्जवला शर्मा को साहित्यकार बल्देव भारती द्वारा अपनी कृति मन के नदी मे तैरते विचार प्रदान कर साहित्यिक आशीर्वाद दिया गया,तथा उन्हे साहित्यिक दिशा मे अग्रसर होने के लिए प्रेरित करते हुए शुभकामनाए दी गयी,उपस्थित समस्त अतिथीगणों द्वारा भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए परीक्षार्थियों को बधाई दी गयी।
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अतिथि उदबोधन की कड़ी
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मातारानी के पूजन अर्चन तथा अतिथियों के स्वागत के साथ प्रारंभ हुए आयोजन मे उदबोधन की कड़ी मे सर्वप्रथम सांस्कृतिक धरोहर के रचनाकार गौरीशंकर शर्मा द्वारा पुस्तक के संबंध मे विस्तार से जानकारी दी गयी तथा पुस्तक लेखन के उद्देश्य सहित विभिन्न बिन्दुओ पर प्रकाश डाला गया,शुभकामना अर्पण की कड़ी मे अतिथिगण वरिष्ठ साहित्यकार बल्देव भारती आरपी पटेल,शिवलाल यादव निवेदिता वर्मा द्वारा शुभकामनाए देते हुए इस महत्वपूर्ण प्रयास की सराहना की गयी, आभार प्रदर्शन प्रकाश तिवारी द्वारा किया गया, इस अवसर पर हरिहर शर्मा,अजय तिवारी सरिता रानी शर्मा,पीहू दुबे,मोनू मानिक प्रसाद दुबे,सक्षम मिश्रा रिखी यादव,रिषभ चौहान,दिनेश शर्मा, आदि प्रमुख रुप से उपस्थित थे।



